Paryayvachi Shabd in Hindi | पर्यायवाची शब्द

पर्यायवाची शब्द Paryayvachi Shabd in Hindi पर्यायवाची शब्दों में अर्थ की समानता होते हुए भी इनके प्रयोग एक तरह के नहीं हैं। ये शब्द अपने में इतने पूर्ण हैं कि एक ही शब्द का प्रयोग सभी स्थितियों में और सभी स्थानों पर अच्छा नहीं लगता- कहीं कोई शब्द ठीक बैठता है और कहीं कोई। प्रत्येक शब्द की महत्ता विषय और स्थान के अनुसार होती है। इस अध्याय में हम इन सभी शब्दों का अध्ययन करेंगे।

पर्यायवाची शब्द Paryayvachi Shabd In Hindi

‘पर्याय’ का अर्थ है – ‘समान’ तथा ‘वाची’ का अर्थ है – ‘बोले जाने वाले’ अर्थात जिन शब्दों के अर्थ में समानता होती है, उन्हें समानार्थक, समानार्थी या पर्यायवाची शब्द कहते हैं।
इसे हम ऐसे भी कह सकते है- जिन शब्दों के अर्थ में समानता हो, उन्हें ‘पर्यायवाची शब्द’ कहते है।

दूसरे अर्थ में- समान अर्थवाले शब्दों को ‘पर्यायवाची शब्द’ या समानार्थक भी कहते है।
जैसे- सूर्य, दिनकर, दिवाकर, रवि, भास्कर, भानु, दिनेश- इन सभी शब्दों का अर्थ है ‘सूरज’ ।
इस प्रकार ये सभी शब्द ‘सूरज’ के पर्यायवाची शब्द कहलायेंगे।

पर्यायवाची शब्द को ‘प्रतिशब्द’ भी कहते है। अर्थ की दृष्टि से शब्दों के अनेक रूप है; जैसे- पर्यायवाची शब्द, युग्म शब्द, एकार्थक शब्द, विपरीतार्थक शब्द, समोच्चरितप्राय शब्द इत्यादि।
किसी भी समृद्ध भाषा में पर्यायवाची शब्दों की अधिकता रहती है। जो भाषा जितनी ही सम्पत्र होगी, उसमें पर्यायवाची शब्दों की संख्या उतनी ही अधिक होगी। संस्कृत में इनकी अधिकता है। हिन्दी के पर्यायवाची शब्द संस्कृत के तत्सम शब्द है, जिन्हें हिन्दी भाषा ने ज्यों-का-त्यों ग्रहण कर लिया है।

अभिमान – गर्व, घमंड, अहं, अहंकार, मान, दर्प, दंभ, मद, अस्मिता, अहंभाव, अहम्मन्यता, आत्मश्लाघा, मिथ्याभिमान
अपमान – अनादर, अवज्ञा, अवहेलना, तिरस्कार
आभूषण – गहना, जेवर, भूषण, अलंकार, विभूषण
आँगन – अँगना, प्राङ्गण, अजिरा
अनादर – अपमान, अवज्ञा, तिरस्कार, अवहेलना, अवमानना, परिभव

अहंकार – दंभ, घमंड, गर्व, मान, अभिमान, दर्प, मद
अमृत – सोम, सुधा, अमिय, पीयूष, जीवनोदक
असुर – दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, रात्रिचर, दनुज, तमचर, यातुधान, निशिचर
अतिथि – मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक, पाहूना
अनुपम – अपूर्व, अतुल्य, अनूठा, अनोखा, अद्वितीय, अद्भुत, अनन्य
अर्थ – धन, द्रव्य, मुद्रा, दौलत, पैसा, वित्त
अंधकार – अंधियारा, अँधेरा, तम, तिमिर, तमस, तमिस्र
अंग – हिस्सा, भाग, अंश, अवयव

आम – अमृतफल, रसाल, आम्र, सौरभ
आग – अग्नि, अनल, पावक, ज्वाला, दहन, वहनि, शिखी, धनंजय, हुताशन, धूमकेतु, वैश्वानर, रोहिताश्व, वायुसखा, कृशानु, वह्नि, विभावसु
आँख – लोचन, नयन, नेत्र, चक्षु, विलोचन, दृष्टि, दृग, अक्षि, नैन, अम्बक

आकाश – नभ, गगन, अम्बर, व्योम, अनन्त, आसमान, अंतरिक्ष, शून्य, अर्श, द्यौ, तारापथ, पुष्कर, अभ्र
आनंद – प्रसन्नता, हर्ष, सुख, आमोद, मोद, प्रमोद, उल्लास, आह्राद
आश्रम – कुटी, विहार, मठ, संघ, अखाड़ा, स्तर
आंसू – नेत्रजल, नयनजल, चक्षुजल, अश्रु
आत्मा – जीव, चैतन्य, चेतनतत्तव, अंतःकरण
आवारा – उद्दंड, अक्खड़, निरकुंश, मनमर्जी, स्वेच्छाचारी, उच्छृंखल

इच्छा – अभिलाषा, चाह, कामना, लालसा, मनोरथ, आकांक्षा, अभीष्ट, अभिप्राय, ईप्सा, स्पृहा, ईहा, वांछा, लिप्सा
इन्द्र – सुरेश, सुरेन्द्र, देवेन्द्र, सुरपति, शक्र, पुरंदर, देवराज, महेन्द्र, शचीपति, वज्रधर, वज्री, शचीश, वासव, वृषा, मेघवाहन, पुरुहूत, यासव, अमरपति, मधवा
इन्द्राणि – इन्द्रवधू, मधवानी, शची, पोलोमी, शतावरी, पोलोमी

ईश्वर – परमात्मा, प्रभु, ईश, जगदीश, भगवान, परमेश्वर, विधाता, जगदीश्वर

उपवन – बाग़, बगीचा, उद्यान, वाटिका, गुलशन
उक्ति – कथन, वचन, सूक्ति
उग्र – प्रचण्ड, उत्कट, तेज, तीव्र, विकट, महादेव
उचित – ठीक, मुनासिब, वाज़िब, समुचित, युक्तिसंगत, योग्य, न्यायसंगत, तर्कसंगत
उजला – उज्ज्वल, श्वेत, सफ़ेद, धवल
उजाड़ – जंगल, वन, बियावान
उजाला – प्रकाश, रोशनी, चाँदनी
उत्कर्ष – समृद्धि, उन्नति, प्रगति, उठान, प्रशंसा
उत्कृष्ट – अच्छा, बढ़िया, उत्तम, उन्नत, श्रेष्ठ, उम्दा
उत्पत्ति – उद्गम, पैदाइश, जन्म, उद्भव, सृष्टि, आविर्भाव, उदय
उपाय – युक्ति, साधन, तरकीब, तदबीर, यत्न, प्रयत्न

ऊधम – उपद्रव, उत्पात, धूम, हुल्लड़, हुड़दंग, धमाचौकड़ी

एकता – एका, मेल, ऐक्य, एकत्व
ऐश्वर्य – समृद्धि, विभूति

ओज – तेज, शक्ति, बल, वीर्य
ओंठ – ओष्ठ, अधर, होंठ

औचक – अचानक, यकायक, सहसा
औरत – स्त्री, जोरू, घरनी, घरवाली

ऋषि – मुनि, साधु, यति, संन्यासी, तत्वज्ञ, तपस्वी

कच – बाल, केश, कुन्तल, चिकुर, अलक, रोम, शिरोरूह.
कमल – नलिन, अरविंद, उत्पल, राजीव, पद्म, पंकज, नीरज, सरोज, जलज, जलजात, शतदल, पुण्डरीक, इन्दीवर, अम्भोज, तामरस, पुष्कर, महोत्पल, वनज, कंज, सरसिज
कबूतर – कपोत, रक्तलोचन, कलरव, हारिल, पारावत
कामदेव – मदन, मनोज, अनंग, काम, रतिपति, पुष्पधन्वा, मन्मथ, आत्मभू, कंदर्प, दर्पक, पंचशर, मनसिज
कण्ठ – ग्रीवा, गर्दन, गला, शिरोधरा
कृपा – प्रसाद, करुणा, दया, अनुग्रह, अनुकम्पा, दया
किताब – पुस्तक, पोथी, ग्रन्थ
किनारा – तट, तीर, कूल, कगार
कपड़ा – चीर, वसन, पट, वस्त्र, परिधान, अंशु, कर, अम्बर, परिधान, मयुख
किरण – ज्योति, प्रभा, रश्मि, दीप्ति, गभस्ति, अंशु, अर्चि, गो, कर, मयूख, मरीचि, ज्योति, प्रभा
किसान – कृषक, भूमिपुत्र, हलधर, खेतिहर, अन्नदाता
किस्मत – होनी, विधि, नियति, भाग्य
कच – बाल, केश, कुन्तल, चिकुर, अलक, रोम, शिरोरूह
कल्पद्रुम देवद्रुम, कल्पवृक्ष, पारिजात, मन्दार, हरिचन्दन
कृष्ण – राधापति, घनश्याम, वासुदेव, माधव, मोहन, केशव, गोविन्द, गिरधारी, मुरारी, नन्दनन्दन, राधारमण, दामोदर, ब्रजवल्लभ, गोपीनाथ, मुरलीधर, द्वारिकाधीश, यदुनन्दन, कंसारि, रणछोड़, बंशीधर

कान – कर्ण, श्रुति, श्रुतिपटल, श्रवण श्रोत, श्रुतिपुट
काक कौआ, वायस, काग, करठ, पिशुन

कोयल – कोकिला, पिक, काकपाली, बसंतदूत, सारिका, कुहुकिनी, वनप्रिया
क्रोध – रोष, कोप, अमर्ष, कोह, प्रतिघात, गुस्सा, आक्रोश
कीर्ति – यश, प्रसिद्धि
कुबेर – कित्ररेश, यक्षराज, धनद, धनाधिप, राजराज
कुत्ता श्वा, श्रवान, कुक्कुर, शुनक, सरमेव
कार्तिकेय कुमार, षडानन, शरभव, स्कन्द

खग – पक्षी, विहग, नभचर, अण्डज, पखेरू, द्विज, शकुनि
खंभा – स्तूप, स्तम्भ, खंभ
खून – रक्त, लहू, शोणित, रुधिर

गँवार – जंगली, अशिष्ट, असभ्य, उज्जड़, उद्दंड, देहाती, निरकुंश
गज – हाथी, हस्ती, मतंग, कूम्भा, मदकल
गरुड़ – खगेश, पत्रगारि, उरगारि, हरियान, वातनेय, खगपति, सुपर्ण, विषमुख
गधा – खर, गर्दभ, धूसर, रासभ, बेशर, चक्रीवान, वैशाखनन्दन, गदहा

गाय – गौ, धेनु, भद्रा, सुरभि, दोग्धी, रोहिणी
गंगा – भगीरथी, देवनदी, मंदाकिनी, भगीरथी, विश्नुपगा, देवपगा, देवनदी, जाह्नवी, त्रिपथगा, ध्रुवनंदा, सुरसरिता, सुरसरि, अमरतरंगिनी, विष्णुपदी, नदीश्वरी
गणेश – विनायक, गजानन, गौरीनंदन, गणपति, महाकाय, एकदन्त, गणनायक, शंकरसुवन, लम्बोदर, एकदन्त, मूषकवाहन, गजवदन, विघ्रनाशक, भवानीनन्दन, विघ्रराज, मोदकप्रिय, मोददाता
गर्मी – ताप, ग्रीष्म, ऊष्मा, गरमी, निदाघ
गुरु – शिक्षक, आचार्य, उपाध्याय

घट – घड़ा, कलश, कुम्भ, निप
घर – गृह, सदन, भवन, धाम, निकेतन, निवास, आलय, आवास, गेह, आगार, निलय, मंदिर, आयतन,
 वास, वास-स्थान, शाला, सदन
घृत – घी, अमृत, नवनीत
घास – तृण, दूर्वा, दूब, कुश
घोड़ा – अश्व, घोटक, हरि, बाजि, हय, तुरंग, सैन्धव

चरण – पद, पग, पाँव, पैर, पाद
चतुर – विज्ञ, निपुण, नागर, पटु, कुशल, दक्ष, प्रवीण, योग्य
चंद्रमा – चाँद, चन्द्र, शशि, रजनीश, निशानाथ, सोम, कलानिधि, सुधांशु, सुधाधर, राकेश, सारंग, निशाकर, निशापति, रजनीपति, मृगांक, कलानिधि, हिमांशु, इंदु, सुधाकर, विधु, शशि, चंद्रमा, तारापति, कलाधर, राकापति, हिमकर
चाँदनी – चन्द्रिका, कौमुदी, ज्योत्सना, चन्द्रमरीचि, उजियारी, चन्द्रप्रभा, जुन्हाई
चाँदी – रजत, सौध, रूपा, रूपक, रौप्य, चन्द्रहास
चोटी – मूर्धा, सानु, शृंग, शीश
चोर – तस्कर, दस्यु, रजनीचर, मोषक, कुम्भिल, खनक, साहसिक

छतरी – छत्ता, छत्र, छाता
छली – छलिया, कपटी, धोखेबाज
छवि – शोभा, सौंदर्य, कान्ति, प्रभा
छानबीन – जाँच, पूछताछ, खोज, अन्वेषण, शोध, अन्वेषण
छैला – सजीला, बाँका, शौकीन
छोर – नोक, कोर, किनारा, सिरा

जल – सलिल, वारि, नीर, तोय, अम्बु, पानी, पय, पेय, मेघपुष्प, अमृत, उदक
जगत – संसार, विश्व, जग, भव, दुनिया, लोक, जगती, भुवन
जहर – गरल, कालकूट, माहुर, विष

जीभ – रसज्ञा, जिह्वा, वाणी, वाचा, जबान, रसना, रसिका
जंगल – वन, अरण्य, कानन, अटवी, कान्तार, विपिन, गहन, कांतार, बीहड़

जेवर – गहना, अलंकार, भूषण, आभरण, मंडल
ज्योति – आभा, छवि, द्युति, दीप्ति, प्रभा, भा, रुचि, रोचि
जहाज – पोत, जलयान
जानकी – सीता, वैदही, जनकसुता, जनकतनया, जनकात्मजा

झूठ – असत्य, मिथ्या, मृषा, अनृत
झरना – उत्स, स्रोत, प्रपात, निर्झर, प्रस्त्रवण
झण्डा – ध्वजा, पताका, केतु

तरुवर – वृक्ष, पेड़, द्रुम, तरु, पादप, विटप, रूंख
तलवार – असि, कृपाण, करवाल, चन्द्रहास, खड्ग, शमशीर
तरकस – तूण, तूणीर, त्रोण, निषंग, इषुधी

तालाब – सरोवर, जलाशय, ह्रद, पद्याकर , पोखरा, जलवान, सरसी, तड़ाग, पुष्कर, पोखरा, सर
तीर – शर, बाण, अनी, सायक, विशिख, शिलीमुख, अनी
तोता – सुग्गा, शुक, सुआ, कीर, रक्ततुण्ड, दाड़िमप्रिय

थोड़ा अल्प, न्यून, जरा, कम
थाती जमापूँजी, धरोहर, अमानत
थाक ढेर, समूह
थप्पड़ तमाचा, झापड़
थंभ खंभ, खंभा, स्तम्भ

दास – सेवक, नौकर, चाकर, अनुचर, भृत्य.
दधि – दही, गोरस, मट्ठा.
दरिद्र – निर्धन, ग़रीब, रंक, कंगाल, दीन.
दिन – दिवस, याम, दिवा, वार.
दीन – ग़रीब, दरिद्र, रंक, अकिंचन, निर्धन, कंगाल.
दीपक – दीप, दीया, प्रदीप.
दुःख – पीड़ा,कष्ट, व्यथा, वेदना, संताप, शोक, खेद, पीर.
दूध – दुग्ध, क्षीर, पय, गौरस, स्तन्य, दोहज, पीयूष
दुष्ट – पापी, नीच, दुर्जन, अधम, खल, पामर, दुर्जन, घूर्त, कुटिल, खल
दाँत – दन्त.
दर्पण – शीशा, आरसी, आईना.
दुर्गा – चंडिका, भवानी, कल्याणी, महागौरी, कालिका, शिवा, चण्डी, चामुण्डा.
देवता – सुर, देव.
देह – काया, तन, शरीर.

धन – दौलत, संपत्ति, सम्पदा, वित्त.
धरती – धरा, धरती, वसुधा, ज़मीन, पृथ्वी, भू, भूमि, धरणी, वसुंधरा, अचला, मही, रत्नगर्भा.
धनुष – चाप, शरासन, कमान, कोदंड, धनु

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नदी – सरिता, तटिनी, सरि, सारंग, तरंगिणी, दरिया, निर्झरिणी.
नया – नूतन, नव, नवीन, नव्य.
नाव – नौका, तरणी, तरी.

पवन – वायु, हवा, समीर, वात, मारुत, अनिल.
पहाड़ – पर्वत, गिरि, अचल, शैल, भूधर, महीधर.
पक्षी – खेचर, दविज, पतंग, पंछी, खग, चिड़िया, गगनचर, पखेरू, विहंग, नभचर.
पति – स्वामी, प्राणाधार, प्राणप्रिय, प्राणेश.
पत्नी – भार्या, वधू, वामा, अर्धांगिनी, सहधर्मिणी, गृहणी, बहु, वनिता, दारा, जोरू, वामांगिनी.
पुत्र – बेटा, आत्मज, सुत, वत्स, तनुज, तनय, नंदन.
पुत्री – बेटी, आत्मजा, तनूजा, सुता, तनया.
पुष्प – फूल, सुमन, कुसुम, मंजरी, प्रसून.

फूल – पुष्प, सुमन, कुसुम, गुल, प्रसून.

बादल – मेघ, घन, जलधर, जलद, वारिद, पयोधर.
बालू – रेत, बालुका, सैकत.
बन्दर – वानर, कपि, हरि.
बिजली – घनप्रिया, इन्द्र्वज्र, चंचला, सौदामनी, चपला, दामिनी, तड़ित, विद्युत.
बगीचा – बाग़, वाटिका, उपवन, उद्यान, फुलवारी, बगिया.
बाण – सर, तीर, सायक, विशिख.
बाल – कच, केश, चिकुर, चूल.
ब्रह्मा – विधाता, स्वयंभू, प्रजापति, पितामह, चतुरानन, विरंचि, अज.
बलदेव – बलराम, बलभद्र, हलायुध, रोहिणेय.
बहुत – अनेक, अतीव, अति, बहुल, प्रचुर, अपरिमित, प्रभूत, अपार, अमित, अत्यन्त, असंख्य.
ब्राह्मण – द्विज, भूदेव, विप्र, महीदेव, भूमिसुर, भूमिदेव.

भय – भीति, डर, विभीषिका.
भाई – तात, अनुज, अग्रज, भ्राता, भ्रातृ.
भूषण – जेवर, गहना, आभूषण, अलंकार.
भौंरा – मधुप, मधुकर, द्विरेप, अलि, षट्पद, भृंग, भ्रमर.
भोजन – खाना, भोज्य सामग्री, खाद्य वस्तु, आहार

मनुष्य – आदमी, नर, मानव, मानुष, मनुज.
मदिरा – शराब, हाला, आसव, मद.
मोर – कलापी, नीलकंठ, नर्तकप्रिय.
मधु – शहद, रसा, शहद.
मृग – हिरण, सारंग, कृष्णसार.
मुक्ति – उद्धार, छुटकारा, रिहाई, निस्तार

मछली – मीन, मत्स्य, जलजीवन, शफरी, मकर.
माता – जननी, माँ, अंबा, जनयत्री, अम्मा.
मित्र – सखा, सहचर, साथी, दोस्त.

यम – सूर्यपुत्र, जीवितेश, कृतांत, अन्तक, दण्डधर, कीनाश, यमराज.
यमुना – कालिन्दी, सूर्यसुता, रवितनया, तरणि-तनूजा, तरणिजा, अर्कजा, भानुजा.
युवति – युवती, सुन्दरी, श्यामा, किशोरी, तरुणी, नवयौवना.

रमा – इन्दिरा, हरिप्रिया, श्री, लक्ष्मी, कमला, पद्मा, पद्मासना, समुद्रजा, श्रीभार्गवी, क्षीरोदतनया.
रात – रात्रि, रैन, रजनी, निशा, यामिनी, निशि, यामा, विभावरी.
राजा – नृप, नृपति, भूपति, नरपति, भूपाल, नरेश, महीपति, अवनीपति.
रात्रि – निशा, रैन, रात, यामिनी, शर्वरी, तमस्विनी, विभावरी.
रामचन्द्र – सीतापति, राघव, रघुपति, रघुवर, रघुनाथ, रघुराज, रघुवीर, जानकीवल्लभ, कौशल्यानन्दन.
रावण – दशानन, लंकेश, लंकापति, दशशीश, दशकंध.
राधिका – राधा, ब्रजरानी, हरिप्रिया, वृषभानुजा.
रिश्वत – घूस, उत्कोच

लड़का – बालक, शिशु, सुत, किशोर, कुमार.
लड़की – बालिका, कुमारी, सुता, किशोरी, बाला, कन्या.
लक्ष्मी – कमला, पद्मा, रमा, हरिप्रिया, श्री, इंदिरा, पद्मजा, सिन्धुसुता, कमलासना.
लक्ष्मण – लखन, शेषावतार, सौमित्र, रामानुज, शेष.
लौह – अयस, लोहा, सार.
लता – बल्लरी, बल्ली, बेली.

वायु – हवा, पवन, समीर, अनिल, वात, मारुत.
वसन – अम्बर, वस्त्र, परिधान, पट, चीर.
विधवा – अनाथा, पतिहीना.
विष – ज़हर, हलाहल, गरल, कालकूट.
वृक्ष – पेड़, पादप, विटप, तरू, गाछ, दरख्त, शाखी, विटप, द्रुम.
विष्णु – नारायण, चक्रपाणी.
विश्व – जगत, जग, भव, संसार, लोक, दुनिया.
विद्युत – चपला, चंचला, दामिनी, सौदामिनी, तड़ित, बीजुरी, घनवल्ली, क्षणप्रभा, करका.
बारिश – वर्षण, वृष्टि, वर्षा, पावस, बरसात.
वीर्य – जीवन, सार, तेज, शुक्र, बीज.
वज्र – कुलिस, पवि, अशनि, दभोलि.
विशाल – विराट, दीर्घ, वृहत, बड़ा, महान.
वृक्ष – गाछ, तरु, पेड़, द्रुम, पादप, विटप, शाखी.

शिव – भोलेनाथ, शम्भू, त्रिलोचन, महादेव, नीलकंठ, शंकर.
शरीर – देह, तनु, काया, कलेवर, अंग, गात.
शत्रु – रिपु, दुश्मन, अमित्र, वैरी, अरि, विपक्षी.
शिक्षक – गुरु, अध्यापक, आचार्य, उपाध्याय.
शेर – केहरि, केशरी, वनराज, सिंह.
शेषनाग – अहि, नाग, भुजंग, व्याल, उरग, पन्नग, फणीश, सारंग.
शुभ्र – गौर, श्वेत, अमल, वलक्ष, शुक्ल, अवदात.
शहद – पुष्परस, मधु, आसव, रस, मकरन्द.

षंड – हीजड़ा, नपुंसक, नामर्द.
षडानन – षटमुख, कार्तिकेय, षाण्मातुर.

स्वर्ग – सुरलोक, देवलोक, दिव्यधाम, ब्रह्मधाम, द्यौ, परमधाम, त्रिदिव, दयुलोक.
स्वर्ण – सुवर्ण, कंचन, हेन, हारक, जातरूप, सोना, तामरस, हिरण्य.
सरस्वती – गिरा, शारदा, भारती, वीणापाणि, विमला, वागीश, वागेश्वरी.
सहेली – आली, सखी, सहचरी, सजनी, सैरन्ध्री.
संसार – लोक, जग, जहान, जगत, विश्व.
सेना – कटक, दल, फौज, अनी, चमू, अनीकिनी

सीता – वैदेही, जानकी, भूमिजा, जनकतनया, जनकनन्दिनी, रामप्रिया.
साँप – अहि, भुजंग, ब्याल, सर्प, नाग, विषधर, उरग, पवनासन.
सूर्य – रवि, सूरज, दिनकर, प्रभाकर, आदित्य, दिनेश, भास्कर, दिनकर, दिवाकर, भानु, आदित्य.
संसार – जग, विश्व, जगत, लोक, दुनिया.
सोना – स्वर्ण, कंचन, कनक, हेम, कुंदन.
सिंह – केसरी, शेर, मृगपति, वनराज, शार्दूल, नाहर, सारंग, मृगराज.
समुद्र – सागर, पयोधि, उदधि, पारावार, नदीश, जलधि, सिंधु, रत्नाकर, वारिधि.
सम – सर्व, समस्त, सम्पूर्ण, पूर्ण, समग्र, अखिल, निखिल.
समीप – सन्निकट, आसन्न, निकट, पास.
समूह – दल, झुंड, समुदाय, टोली, जत्था, मण्डली, वृंद, गण, पुंज, संघ, समुच्चय.
सभा – अधिवेशन, संगीति, परिषद, बैठक, महासभा.
सुन्दर – कलित, ललाम, मंजुल, रुचिर, चारु, रम्य, मनोहर, सुहावना, चित्ताकर्षक, रमणीक, कमनीय, उत्कृष्ट, उत्तम, सुरम्य.
सन्ध्या – सायंकाल, शाम, साँझ, प्रदोषकाल, गोधूलि.
स्त्री – सुन्दरी, कान्ता, कलत्र, वनिता, नारी, महिला, अबला, ललना, औरत, कामिनी, रमणी.
सुगंधि – सौरभ, सुरभि, महक, खुशबू.

हस्त – हाथ, कर, पाणि, बाहु, भुजा.
हिमालय – हिमगिरी, हिमाचल, गिरिराज, पर्वतराज, नगेश.
हिरण – सुरभी, कुरग, मृग, सारंग, हिरन.
होंठ – अक्षर, ओष्ठ, ओंठ.
हनुमान – पवनसुत, पवनकुमार, महावीर, रामदूत, मारुततनय, अंजनीपुत्र, आंजनेय, कपीश्वर, केशरीनंदन, बजरंगबली, मारुति.
हिमांशु – हिमकर, निशाकर, क्षपानाथ, चन्द्रमा, चन्द्र, निशिपति.
हंस – कलकंठ, मराल, सिपपक्ष, मानसौक.
हृदय – छाती, वक्ष, वक्षस्थल, हिय, उर.
हाथ – हस्त, कर, पाणि.
हाथी – हस्ती, कुंजर, कूम्भा, मतंग, वारण, गज, द्विप, करी, मदकल.

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