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# NCERT Solutions for Class 8 Science Chapter 16 Light | एनसीइआरटी कक्षा 8 विज्ञान पाठ 16 प्रकाश प्रश्न-उत्तर

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# NCERT SOLUTIONS FOR CLASS 8 SCIENCE Chapter 16

## NCERT Solutions for Class 8 science Chapter 16 Light in Hindi प्रकाश पाठ के प्रश्न-उत्तर हिंदी में –

### class 8 science solution Chapter 16 Light प्रकाश के प्रश्न-उत्तर

अभ्यास-प्रश्न

#### Ncert Class 8 Science Chapter 16 Light प्रकाश के प्रश्न-उत्तर

1. मान लीजिए आप एक अंधेरे कमरे में हैं। क्या आप कमरे में वस्तुओं को देख सकते हैं ? क्या आप कमरे के बाहर वस्तुओं को देख सकते हैं। व्याख्या कीजिए।
उत्तर – आप अंधेरे कमरे में रहकर उस कमरे में रखी वस्तुओं को नहीं देख सकते हैं, परन्तु कमरे के बाहर की वस्तुओं को देख सकते हैं, क्योंकि जब किसी वस्तु से प्रकाश टकराकर परावर्तित होकर हमारी आँखों की रेटिना पर पड़ता है तो हमें वस्तुएँ दिखाई देती हैं।

2. नियमित तथा विसरित परावर्तन में अन्तर बताइए । क्या विसरित परावर्तन का अर्थ है कि परावर्तन के नियम विफल हो गए हैं ?
उत्तर –

 नियमित परावर्तन विसरित परावर्तन 1. जब प्रकाश किसी चिकने, पॉलिश किये हुए तथा नियमित पृष्ठों पर आपतित होता है तो नियमित परावर्तन कहलाता है। 1. जब सभी समान्तर किरणें किसी खुरदुरे या अनियमित पृष्ठ से परावर्तित होने के पश्चात् समान्तर नहीं होतीं, तो ऐसे परावर्तन को विस्तृत परावर्तन कहते है। 2. उदहारण – दर्पण अथवा पॉलिशयुक्त लकड़ी 2. उदाहरण – गत्ते जैसे विषय परावर्ती पृष्ठ कागज का टुकड़ा

नहीं, विसरित परावर्तन में भी परावर्तन के नियमों का सफलतापूर्वक पालन होता है।

3. निम्न में से प्रत्येक के स्थान के सामने लिखिए, यदि प्रकाश की एक समान्तर किरण-पुंज इनसे टकराए तो नियमित परावर्तन होगा या विसरित परावर्तन होगा। प्रत्येक स्थिति में अपने उत्तर का औचित्य बताइए।
(क) पॉलिश युक्त लकड़ी की मेज
(ख) चॉक पाउडर
(ग) गत्ते का पृष्ठ
(घ) संगमरमर के फर्श पर फैला जल
(ङ) दर्पण.
(च) कागज का टुकड़ा
उत्तर –
(क) पॉलिश युक्त लकड़ी – नियमित परावर्तन होगा, क्योंकि यह चिकनी और चमकदार पृष्ठ

(ख) चॉक पाउडर – विसरित परावर्तन होगा, क्योंकि यह चमकदार नहीं है।
(ग) गत्ते का पृष्ठ – विसरित परावर्तन होगा, क्योंकि यह खुरदरा और बिना चमक वाला है।
(घ) संगमरमर के फर्श पर फैला जल – नियमित परावर्तन होगा, क्योंकि यह चिकना और चमकदार होता है।
(ङ) दर्पण – नियमित परावर्तन, चिकनी और चमकदार सतह है।
(च) कागज का टुकड़ा – विसरित परावर्तन क्योंकि खुरदरी और बिना चमक वाले सतह।

4. परावर्तन के नियम बताइए।
उत्तर – परावर्तन के दो नियम हैं –
(i) आपतन कोण , परावर्तन कोण के बराबर होता है।

(ii) आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा परावर्तक पृष्ठ पर आपतन बिन्दु पर खींचा गया अभिलम्ब एक ही तल में होते हैं।

5. यह दर्शाने के लिए कि आपतित किरण परावर्तित किरण तथा आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब एक ही तल में होते हैं, एक क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए
उत्तर – यह दर्शाने के लिए कि आपतित किरण आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब तथा परावर्तित किरण ये सभी एक तल पर होते हैं । निम्न प्रयोग करेंगे –
क्रियाकलाप – किसी सख्त कागज की शीट अथवा चार्ट पेपर का उपयोग कीजिए। शीट मेज के किनारे से थोड़ी बाहर निकली हुई होना चाहिए (चित्र)। शीट के बाहर निकले भाग को बीच में से काटिए। परावर्तित किरण को देखिए । सुनिश्चित कीजिए कि परावर्तित किरण कागज के बाहर निकले भाग पर भी दिखाई दे। कागज के बाहर निकले उस भाग को मोड़िए जहाँ पर परावर्तित किरण दिखाई दे रही है। क्या आप अब भी परावर्तित किरण देख पाते हैं ? कागज को पुन : प्रारंभिक अवस्था में लाइए।

6. नीचे दिए गए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
(a) एक समतल दर्पण के सामने 1m दूर खड़ा एक व्यक्ति अपने प्रतिबिम्ब से 2m दूर दिखाई देता है।
(b) यदि किसी समतल दर्पण के सामने खड़े होकर आप अपने दाएँ हाथ से अपने बाएँ कान को छुएँ तो दर्पण में ऐसा लगेगा कि आपका दायाँ कान बायाँ हाथ से छुआ गया है।
(c) जब आप मंद प्रकाश में देखते हैं तो आपकी पुतली का साइज बड़ा हो जाता है।
(d) रात्रि पक्षियों के नेत्रों में शलाकाओं की संख्या की अपेक्षा शंकुओं की संख्या कम होती है।

प्रश्न 7 तथा 8 में सही विकल्प छाँटिए –
7. आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है :

 (क) सदैव (ख) कभी-कभी (ग) विशेष दशाओं में (घ) कभी नहीं

उत्तर – (क) सदैव

8. समतल दर्पण द्वारा बनाया गया प्रतिबिम्ब होता है -(क) आभासी, दर्पण के पीछे तथा आवर्धित।
(ख) आभासी, दर्पण के पीछे तथा बिम्ब के साइज के बराबर।
(ग) वास्तविक, दर्पण के पृष्ठ पर तथा आवर्धित।
(घ) वास्तविक, दर्पण के पीछे तथा बिम्ब के साइज के बराबर।
उत्तर – (क) आभासी, दर्पण के पीछे तथा आवर्धित।

9. कैलाइडोस्कोप की रचना का वर्णन कीजिए।
उत्तर –

कैलाइडोस्कोप बनाने के लिए दर्पण की लगभग 15 cm लम्बी, 4 cm चौड़ी तीन आयताकार पट्टियाँ लीजिए। इन्हें चित्र में दर्शाए अनुसार एक प्रिज्म की आकृति में जोड़िए। इन्हें गत्ते या मोटे चार्ट पेपर की बनी एक बेलनाकार ट्यूब में दृढ़ता से लगाइए। सुनिश्चित कीजिए कि ट्यूब दर्पण की पट्टियों से थोड़ी लम्बी हो। ट्यूब के एक सिरे को गत्ते की एक ऐसी डिस्क से बंद कीजिए, जिसमें भीतर का दृश्य देखने के लिए एक छिद्र बना हो। डिस्क को टिकाऊ बनाने के लिए इसके नीचे पारदर्शी प्लास्टिक की शीट चिपका दीजिए। ट्यूब के दूसरे सिरे पर समतल काँच की एक वृत्ताकार प्लेट दर्पणों को छूते हुए दृढ़तापूर्वक लगाइए। इस प्लेट पर छोटे-छोटे रंगीन काँच के कुछ टुकड़े (रंगीन चूड़ियों के टुकड़े) रखिए। ट्यूब के इस सिरे को घिसे हुए काँच की प्लेट से बन्द कीजिए। रंगीन टुकड़ों की हलचल के लिए पर्याप्त जगह रहने दीजिए।

10. मानव नेत्र का एक नामांकित रेखाचित्र बनाइए।
उत्तर – हमारे नेत्र की आकृति लगभग गोलाकार है। नेत्र का बाहरी आवरण सफ़ेद होता है। यह कठोर होता है ताकि यह नेत्र के आंतरिक भागों की दुर्घटनाओं से बचाव कर सके। इसके अगर भाग को कॉर्निया या स्वच्छ मंडल कहते हैं। कॉर्निया के पीछे हम एक गहरे रंग की पेशियों की संरचना पाते हैं जिसे परितारिका (आइरिस) कहते है। आइरिस में एक छोटा सा द्वार होता है जिसे पुतली कहते हैं। पुतली के साइज़ को परितालिका से नियंत्रित किया जाता है।
परितारिका नेत्र का वह भाग है जो इसका विशिष्ट रंग प्रदान करती है। पुतली के पीछे एक लेंस होता है जो केंद्र पर मोटा होता है।

11. गुरमीत लेजर टॉर्च के द्वारा क्रियाकलाप को करना चाहता था। उसके अध्यापक ने ऐसा करने से मना किया। क्या आप अध्यापक की सलाह के आधार की व्याख्या कर सकते हैं ?
उत्तर – गुरमीत लेजर टॉर्च के द्वारा क्रियाकलाप करना चाहता है, परन्तु शिक्षक ने ऐसा करने से मना किया, क्योंकि लेजर टॉर्च की रोशनी बहुत तेज होती है और यह आँखों को नुकसान पहुंचा सकता है।

12. वर्णन कीजिए कि आप अपने नेत्रों की देखभाल कैसे करेंगे ?
उत्तर – आँखों को सुरक्षित रखने के लिए आँखों की देखभाल निम्न तरीके से कर सकते हैं –
(i) आँखों की नियमित जाँच करवाएँ।
(ii) आँखों के लिए बहुत तेज प्रकाश नुकसानदायक होता है, इससे बचे। सूर्य की रोशनी को सीधे न देखे।
(iii) कम रोशनी में ना पढ़े / ना कार्य करें।
(iv) अपनी आँखों को रगड़े नहीं।
(v) पठन सामग्री, मोबाइल, कम्प्यूटर को पर्याप्त दूरी पर रखें।

13. यदि परावर्तित किरण आपतित किरण से 90° का कोण बनाए तो आपतन कोण का मान कितना होगा ?
उत्तर – यदि परावर्तित किरण आपतित किरण से 90° का कोण बनाए तो आपतन कोण का मान 45° होगा।

14. यदि दो समान्तर समतल दर्पण एक-दूसरे से 40 cm के अन्तराल पर रखे हों तो इनके बीच रखी एक मोमबत्ती के कितने प्रतिबिम्ब बनेंगे ?
उत्तर – यदि दो समान्तर समतल दर्पण एक-दूसरे से 40 cm के अन्तराल पर रखे हों तो इनके बीच रखी एक मोमबत्ती के अनंत प्रतिबिम्ब बनेंगे।

15. दो दर्पण एक-दूसरे के लम्बवत् रखे हैं। प्रकाश की एक किरण एक दर्पण पर 30° के कोण पर आपतित होती है जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। दूसरे दर्पण से परावर्तित होने वाली परावर्तित किरण बनाइए।

उत्तर –

16. चित्र 16.20 में दर्शाए अनुसार बूझो एक समतल दर्पण के ठीक सामने पार्श्व से कुछ हटकर एक किनारे A पर खड़ा होता है। क्या वह स्वयं को दर्पण में देख सकता है। क्या वह P, Q तथा R पर स्थित वस्तुओं के प्रतिबिम्ब भी देख सकता है ?

उत्तर – बूझो अपने आप को नहीं देख पाएगा। वह P तथा Q बिंदुओं पर स्थित वस्तुओं के प्रतिबिम्बों को देख सकता है परन्तु R बिंदु पर स्थित वस्तु का प्रतिबिम्ब नहीं देख सकता।

17. (a) A पर स्थित किसी वस्तु के समतल दर्पण में बनने वाले प्रतिबिम्ब की स्थिति ज्ञात कीजिए। (चित्र 16.21)
(b) क्या स्थिति B से पहेली प्रतिबिम्ब को देख सकती है ?
(c) क्या स्थिति C से बूझो इस प्रतिबिम्ब को देख सकता है ?
(d) जब पहेली B से C पर चली जाती है, तो A का प्रतिबिम्ब किस ओर खिसक जाता है ?

उत्तर –
(a) A पर स्थित किसी वस्तु के समतल दर्पण में बनने वाले प्रतिबिम्ब की स्थिति ज्ञात कीजिए।
A पर स्थित किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी दूरी पर बनेगा जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के समाने रखी हुई है।

(b) क्या स्थिति B से पहेली प्रतिबिम्ब को देख सकती है ?

हाँ।

(c) क्या स्थिति C से बूझो इस प्रतिबिम्ब को देख सकता है ?
हाँ।

(b) क्या स्थिति B से पहेली प्रतिबिम्ब को देख सकती है ?
नहीं खिसकेगा।

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