NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter 3 Metal and Nonmetal | कक्षा 10 विज्ञान पाठ 3 धातु एवं अधातु

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Ncert Solutions for Class 10 Science Chapter 3

Acid, Base and Salt
पाठ – 3

धातु एवं अधातु
विज्ञान

Ncert Solutions for Class 10 Science Chapter 3 Acid, Base and Salt Question Answer

Class 10 science chapter 3 question answer in Hindi

1. निम्न में कौन सा युगल विस्थापन अभिक्रिया प्रदर्शित करता है :
(a) NaCl विलयन एवं कॉपर धातु
(b) MgCl2  विलयन एवं ऐल्युमिनियम धातु
(c) FeSO4 विलयन एवं सिल्वर धातु
(d) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु
उत्तर – (d) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु

2. लोहे के फ्राइंग पैन (frying pan) को जंग से बचने के लिए निम्न में से कौन सी विधि उपयुक्त है :
(a) ग्रीज़ लगाकर
(b) पेंट लगाकर
(c) जिंक की परत चढ़ाकर
(d) ऊपर के सभी
उत्तर – (c) जिंक की परत चढ़ाकर

3. कोई धातु ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर उच्च गलनांक वाला योगिक निर्मित करती है। यह यौगिक जल में विलेय है। यह तत्व क्या हो सकता है?
(a) कैल्सियम
(b) कार्बन
(c) सिलिकन
(d) लोहा
उत्तर – (a) कैल्सियम

4. खाद्य पदार्थ के डिब्बों पर जिंक की बजाय टिन का लेप होता है क्योंकि 
(a) टिन की अपेक्षा जिंक मँहगा है।
(b) टिन की अपेक्षा जिंक का गलनांक अधिक है
(c) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है
(d) टिन की अपेक्षा जिंक कम अभिक्रियाशील है
उत्तर – (c) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है

5. आपको एक हथौड़ा, बैटरी, बल्ब, तार एवं स्विच दिया गया है :
(a) इनका उपयोग कर धातुओं एवं अधातुओं के नमूनों के बीच आप विभेद कैसे कर सकते है?
(b) धातुओं एवं अधातुओं में विभेदन के लिए इन परीक्षणों की उपयोगिताओं का आकलन कीजिए।
उत्तर –
(a) इनका उपयोग कर धातुओं एवं अधातुओं के नमूनों के बीच आप विभेद कैसे कर सकते है?

(i) दिए गए पदार्थो को यदि किसी हथौड़े से पीटा और यदि इनमे से कोई चूर-चूर हो जाए तो वह पदार्थ अधातु होगी तथा जो पीटने पर चूरे या टुकड़ों में नहीं बदलता वह पदार्थ धातु है।
(ii) धातुओं को पीटने पर उनमें एक विशेष प्रकार की ध्वनि उत्पन्न होती है अतः धातुएँ ध्वनिक होती है जबकि अधातुओं में यह गुण नहीं पाया जाता है।
(iii) दिये गए पदार्थों में विद्युत का चालन करेंगे यदि विद्युत का चालन होता है तो पदार्थ धातु होगी तथा यदि विद्युत का चालन नहीं होता तो पदार्थ अधातु है।

(b) धातुओं एवं अधातुओं में विभेदन के लिए इन परीक्षणों की उपयोगिताओं का आकलन कीजिए।
धातुओं एवं अधातुओं में विभेदन के लिए नमूनों के बीच विभिन्न परीक्षणों की आवश्यकता है।
ग्रेफाइड एक अधातु है परन्तु ये विद्युत का सुचालक है। जब इसे हथौड़े से पीटा जाता है तो यह टुकड़ों में विभाजित हो जाता है अर्थात इसमें अधातवर्धनीयता का गुण नहीं होता है। इसी तरह अन्य सभी परीक्षणों की आवश्यकता होगी।

6. उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते है? दो उभयधर्मी ऑक्साइडों का उदाहरण दीजिए।
उत्तर – उभयधर्मी ऑक्साइड – ऐसे धातु ऑक्साइड जो अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया करके लवण तथा जल बनाते है, उभयधर्मी ऑक्साइड कहलाते है।
उदाहरण – ऐलुमिनियम ऑक्साइड (Al2O3), जिंक ऑक्साइड (ZnO)
अम्ल तथा क्षारक के साथ ऐलुमिनियम ऑक्साइड निम्न प्रकार से अभिक्रिया करता है।
Al2O3 + 6HCl → 2AlCl3 + 3H2O
Al2O3 + 2NaOH →  NaAlO2 + H2O
                   (सोडियम ऐलुमिनेट)

7. दो धातुओं के नाम बताइए जो तनु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देंगे तथा दो धातुएँ जो ऐसा नहीं कर सकती हैं।
उत्तर – सक्रियता श्रेणी के ऊपर स्थित धातुएँ तनु अम्ल से हाड्रोजन को विस्थापित कर सकती हैं।
जैसे – Na, Fe, Zn
Zn हाइड्रोजन से अधिक प्रबल अपचायक है। जब Zn की अभिक्रिया H2SO4 के विलयन से करवाई जाती है तो H2 को विस्थापित कर दिया जाता है।
Zn + H2SO4 ⇔ ZnSO4 + H2
वह धातुएँ जो सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन के नीचे स्थित होगी वे हाइड्रोजन को विस्थापित नहीं करेगी।
जैसे – Cu, Ag, Pt
Cu हाइड्रोजन से कम अपचायक है। जब Cu की अभिक्रिया H2SO4 से करवाई जाती है तो यह हाइड्रोजन को विस्थापित नहीं करता है।

8. किसी धातु M के विद्युत अपघटनी परिष्करण में आप ऐनोड, कैथोड एवं विद्युत अपघटय किसे बनाएँगे?
उत्तर – विद्युत अपघटनी परिष्करण – इसमें अपद्रव्य होते हैं जिन्हें हटाकर ही शुद्ध धातु प्राप्त की जा सकती है। धातुओं से अपद्रव्य को हटाने के लिए सबसे अधिक प्रचलित विधि विद्युत अपघटनी परिष्करण है।
विद्युत अपघटनी परिष्करण – कॉपर, जिंक, टिन, निकैल, सिल्वर, गोल्ड आदि जैसी अनेक धातुओं का परिष्करण विद्युत अपघटन द्वारा किया जाता है।
इस प्रकम में, अशुद्ध धातु को ऐनोड तथा शुद्ध धातु को पतली परत को कैथोड बनाया जाता है। धातु के लवण विलयन का उपयोग विद्युत अपघट्य से रुप में होता है। चित्रानुसार उपकरण व्यवस्थित किया जाता है। विद्युत अपघट्य से जब धारा प्रवाहित की जाती है तब ऐनोड पर स्थित अशुद्ध धातु विद्युत अपघट्य में घुल जाती है। इतनी ही मात्रा में शुद्ध धातु विद्युत अपघट्य से कैथोड पर निक्षेपित हो जाती है। विलेय अशुद्धियाँ विलयन में चली जाती है तथा अविलेय अशुद्धियाँ ऐनोड तली पर निक्षेपित हो जाती है जिसे ऐनोड पंक कहते है।
ताँबे के विद्युत अपघटनी परिष्करण में अम्लीकृत कॉपर सल्फेट का विलयन विद्युत अपघट्य है। अशुद्ध ताँबा ऐनोड है जबकि शुद्ध ताँबे की पट्टी कैथोड का कार्य करती है। विद्युत धारा प्रवाहित करने पर शुद्ध ताँबा कैथोड पर निक्षेपित हो जाता है।

9. प्रत्युष ने सल्फ़र चूर्ण को स्पैचुला में लेकर गर्म किया। चित्र के अनुसार एक परखनली को उल्टा करके उसने उत्सर्जित गैस को एकत्र किया 
(a) गैस की क्रिया क्या होगी
(i) सूखे लिटमस पत्र पर?
(ii) आदर लिटमस पत्र पर?
(b) ऊपर की अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर – सल्फ़र चूर्ण को गर्म करने पर हमें सल्फ़र डाई ऑक्साइड प्राप्त होती है, जिसकी प्रकृति अम्लीय है क्योंकि यह गैस जल से अभिक्रिया करके सल्फ्यूरिक अम्ल बनाती है।
(a) गैस की क्रिया क्या होगी
(i) गैस की क्रिया – सूखे लिटमस पर कोई क्रिया नहीं होगी, क्योंकि गैस जल (H+ आयन) की अनुपस्थिति में अम्लीय प्रभाव नहीं दिखती है।
(ii) आर्द्र लिटमस उत्सर्जित गैस का आयन (H+ आयन) की उपस्थिति के कारन रंग बदल देती है। अर्थात लिटमस पत्र को नील से लाल कर देती है।

(b) ऊपर की अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।
S(s) + O2(g) → SO2(g)
SO2(g) + H2O → H2SO3(aq)

class 10 science chapter 3 question answer in Hindi

10. लोहे को जंग से बचाने के लिए दो तरीके बताइए।
उत्तर – लोहे को जंग से बचाने के लिए दो महत्वपूर्ण लोहे को जंग से बचाया का सकता है।
(a) पेंट करके, तेल लगाकर या ग्रीज़ लगाकर लोहे को जंग लगने से बचाया जा सकता है।
(b) लोहे को जंग से बचाने के लिए इसके ऊपर जस्ते की एक पतली परत चढ़ाई जाती है।

11. ऑक्सीजन के साथ संयुक्त होकर अधातुएँ कैसा ऑक्साइड बनाती हैं?
उत्तर – ऑक्सीजन की साथ संयुक्त होकर अधातुएँ दो प्रकार के ऑक्साइड बनाती है – अम्लीय और उदासीन
कुछ अधातुएँ ऑक्सीजन से संयोग करके अम्लीय ऑक्साइड बनाती है जो जल में घुलकर अम्ल का निर्माण करती है।
C + O2 → CO2
CO2 + H2O → H2CO3
S + O2 → SO2
SO2 + H2O → H2SO3
जबकि कुछ अधातुएँ ऑक्सीजन से आयोग करके उदासीन ऑक्साइड बनाती है जैसे – H2O, NO2, CO आदि।

12. कारण बताइए :
(a) प्लैटिनम, सोना एवं चाँदी का उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है।
(b) सोडियम, पोटैशियम एवं लिथियम को तेल के अंदर संग्रहित किया जाता है।
(c) ऐलुमिनियम अत्यंत अभिक्रियाशील धातु है, फिर भी इसका उपयोग खाना बनाने वाले बर्तन बनाने में किया जाता है।
(d) निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट एवं सल्फ़ाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है।
उत्तर –
(a) प्लैटिनम, सोना एवं चाँदी का उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है।
सोना व चाँदी उत्कृष्ट धातु है। प्लैटिनम, सोना एवं चाँदी बहुत कम अभिक्रियाशील है तथा संक्षारित भी नहीं होते हैं उनकी चमक भी तेज होती है। यह आघातवर्धनीय तथा तनय है तथा लम्बे समय तक वायु, जल, अम्लीय या क्षारीय पदार्थों द्वारा प्रभावित नहीं होती है। इन्हीं कारणों से इनका उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है।

(b) सोडियम, पोटैशियम एवं लिथियम को तेल के अंदर संग्रहित किया जाता है।
ये तीनों बहुत सक्रीय धातुएँ हैं। ये वायु में खुला छोड़ने पर ऑक्सीजन से तेजी से क्रिया करके आग पकड़ लेती है। तेल में रखकर इनकी वायु तथा नमी से क्रिया को रोका जाता है, यही कारण है कि सोडियम, पोटैशियम एवं लिथियम को तेल के अंदर संग्रहित किया जाता है।

(c) ऐलुमिनियम अत्यंत अभिक्रियाशील धातु है, फिर भी इसका उपयोग खाना बनाने वाले बर्तन बनाने में किया जाता है।
ऐल्युमिनियम वायु में आते ही ऑक्सीजन से क्रिया करके अपनी सतह पर ऐल्युमिनियम ऑक्साइड को पतली परन्तु मजबूत परत बना लेता है। जिससे उस पर हवा और पानी की क्रिया नहीं हो पति है। साथ ही अत्यधिक उष्मीय चालकता तथा आसानी से संक्षारित नहीं होने के कारण इसका उपयोग खाना बनाने के बर्तनों को बनाने में किया जाता है।

(d) निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट एवं सल्फ़ाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है।
इसको सीधे धातु में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है। अतः इन्हें पहले धात्विक ऑक्साइड में और फिर धातु में बदला जाता है।

13. आपने ताँबे के मलिन बर्तन को नींबू या इमली से रस से साफ़ करते अवश्य देखा होगा। यह खट्टे पदार्थ बर्तन को साफ़ करने में क्यों प्रभावी हैं?
उत्तर – ताँबा वायु में उपस्थित CO2, O2 व नमी (H2O) से अभिक्रिया करके हरे रंग की परत बनाता है जिससे वह अपनी चमक खो देता है।
2Cu + (H2O + CO2 + O2) → CuCO3.Cu(OH)2
यह परत जल में अघुलनशील होती है। अतः स्वच्छ जल से धोने पर यह अलग नहीं हो पाती। नींबू के रस में उपस्थित सिट्रिक अम्ल क्षारीय कूपर कार्बोनेट की परत से अभिक्रिया करके घुलनशील लवण बना देते हैं, जिन्हें जल से धोकर अलग कर दिया जाता है। इससे ताँबे की सतह फिर से चमकीली हो जाती है।

14. रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर धातुओं एवं अधातुओं में विभेद कीजिए।
उत्तर – रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर धातुओं एवं अधातुओं अन्तर – class 10 science chapter 3 question answer in hindi

गुण धातु अधातु
ऑक्सीजन से क्रिया क्षारीय धात्विक ऑक्साइड बनती है। धातुओं के ऑक्साइड भास्मिक होते है।
Na2O + H2O → 2NaOH
अम्लीय या उदासीन ऑक्साइड बनाती है। अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय होते है।
CO2 + H2O → H3CO3
हाइड्रोजन से क्रिया अधिकांशतः धातुएँ हाइड्रोजन से क्रिया नहीं करती है।

अधातुएँ सह-संयोजी स्थायी हाइड्रॉइड बनाती है। 

जल से क्रिया जल से क्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती है।

जल से कोई क्रिया नहीं करती है।

क्लोरीन से क्रिया क्लोरीन से क्रिया करके आयनिक क्लोराइड बनाती है।

अधातुएँ क्लोरीन से क्रिया करके सह-संयोजी क्लोराइड बनाती है।

तनु अम्लों से क्रिया हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती है।

अम्लों से कोई क्रिया नहीं करती है।

15. एक व्यक्ति प्रत्येक घर में सुनार बनकर जाता है। उसने पुराने एवं मलीन सोने के आभूषणों में पहले जैसी चमक पैदा करने का ढोंग रचाया। कोई संदेह किए बिना ही एक महिला अपने सोने के कंगन उसे देती है जिसे वह एक विशेष विलयन में डाल देता है। कंगन नए की तरह चमकने लगते हैं लेकिन उनका वजन अत्यंत कम हो जाता है। वह महिला बहुत दुखी होती है तथा तर्क-वितर्क के पश्चात् उस व्यक्ति को झुकना पड़ता है। एक जासूस की तरह क्या आप उस विलयन की प्रकृति के बारे में बता सकते हैं।
उत्तर – उस व्यक्ति ने ऐक्वा रेजिया नमक विलयन उपयोग में लिया था। ऐक्वा रेजिया बनाने के लिए 3 : 1 के अनुपात में सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एवं सांद्र नात्रिक अम्ल का ताजा मिश्रण लिया जाता है।
यह सोने को अपने में घोल लेता है। जिसके कारन सोने का कुछ अंश इसमें घुल जाता है जिसे बाद में बड़ी आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उस व्यक्ति ने भी ऐसा ही किया था। 

16. गर्म जल का टैंक बनाने में ताँबे का उपयोग होता है परन्तु इस्पात (लोहे की मिश्रधातु) का नहीं। इसका कारण बताइए।
उत्तर – लोहा भाप के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस बनाती है।
3Fe(s) + 4H2O(g) → Fe3O4(s) + 4H2(g)
जब लोहा नमी व वायु के संपर्क में आता है तो इसमें जंग लग जाती है। परन्तु जल का ताँबे के साथ इस तरह की अभिक्रिया नहीं होती है। इसीलिए गर्म जल का टैंक बनाने में ताँबे का उपयोग किया जाता है परन्तु इस्पात (लोहे की मिश्रधातु) का नहीं।

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