Ncert Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 2 Land, soil, water, natural vegetation and wildlife resources | भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीव संसाधन

Ncert Solutions for Class 8 Social Science chapter 2 Land, soil, water, natural vegetation and wildlife resources Bhumi, Mrida, Jal, Prakritik Vanspati aur Vaby Jiv Sansadhan भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीव संसाधन available free in eteacherg.com। Here We learn Class 8 Social Science Chapter 2 concept of Land, soil, water, natural vegetation and wildlife resources and solve questions एनसीइआरटी कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान की अभ्यास पुस्तिका के पाठ 2 भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीव संसाधन के प्रश्न-उत्तर यहाँ दिए गए हैं

Ncert Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 2 Land, soil, water, natural vegetation and wildlife resources NCERT Social Science Class 8 Chapter 2 are part of NCERT Class 8 Social Science Chapter 2 solution. Here we have given Ncert Solutions for Class 8 Social Science paath 2 in Hindi. Ncert Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 2 in Hindi for Social Science Class 8 Chapter 2. Below these solutions consist of answers to all the important questions in NCERT book Class 8 Social Science Chapter 2.
Here we solve Ncert Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 2 प्रश्नों के उत्तर concepts all questions with easy method with expert solutions. It help students in their study, home work and preparing for exam. Soon we provide NCERT Class 8 Social Science Chapter 2 prashan uttr question and answers. is provided here according to the latest NCERT (CBSE) guidelines. Students can easily access in the hindi which include important Chapters and deep explanations provided by our expert. Get CBSE in free PDF here. ncert solutions for Social Science Class 8 Chapter 2 book pdf also available Click Here or you can download official NCERT website. You can also See Ncert Solutions for Class 8 Social Science book pdf with answers all Chapter to Click Here.

Ncert Solutions for Class 8 Social Science Geography Chapter 2

Class 8 Social Science Chapter 2

Land, soil, water, natural vegetation and wildlife resources
कक्षा – 8

विषय – सामाजिक विज्ञान (भूगोल)
पाठ – 2 
भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीव संसाधन

Ncert Solutions for Class 8 Social Science chapter 2 Land, soil, water, natural vegetation and wildlife resources
भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीव संसाधन पाठ के प्रश्न-उत्तर हिंदी में –

class 8 science solution Chapter 17 Land, soil, water, natural vegetation and wildlife resources भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीव संसाधन के प्रश्न-उत्तर

NCERT class 8th science chapter 17 Land, soil, water, natural vegetation and wildlife resources | भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीव संसाधन अभ्यास प्रश्न

अभ्यास

Q.1 मृदा निर्माण के लिए उत्तरदायी दो मुख्य जलवायु कारक कौन से है ?
उत्तर – जनक शैल का स्वरुप और जलवायविक कारक मृदा निर्माण के मुख्य करक है। 
 
Q.2 भूमि निम्नीकरण के कोई दो कारण लिखिए। 
उत्तर – कृषि और निर्माण सम्बंधित गतिविधियां भूमि निम्नीकरण के कारक है। 
 
Q.3 भूमि को महत्वपूर्ण संसाधन क्यों माना जाता है ?
उत्तर -सभी महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों में भूमि भी शामिल है। भूपृष्ठ के कुल क्षेत्रफल का लगभग 30% भाग भूमि है।  यही नहीं इस थोड़े से प्रतिशत के भी सभी भाग आवास योग्य नहीं है। ऊबड़-खाबड़ स्थलाकृति, पर्वतों के तीव्र ढाल, जलाक्रांत संभावित निम्न क्षेत्र, मरुस्थल क्षेत्र एवं सघन वन क्षेत्र सामान्यतः विरल अथवा निर्जन है। भूमि का उपयोग कृषि वानिका, खनन, सड़कों और उद्योगों की स्थापना के लिए किया जाता है। 
उपयुक्त कारणों के कारण भूमि को महत्वपूर्ण संसाधन माना जाता है। 
 
Q.4 किन्ही दो सोपानों के नाम बताइये जिन्हे सरकार ने पौधों और प्राणियों के संरक्षण के लिए आरंभ किया है। 
उत्तर -सी.आई.टी.ई.एस. (द कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन इनडेंजर्ड स्पीशीष ऑफ़ वाइल्ड फौना एंड फ़्लोरा) की स्थापना की गई। जिसने प्राणियों और पक्षियों की अनेक जातियों की सूची तैयार की है। 
 
Q.5 जल संरक्षण के तीन तरीके बताए। 
उत्तर – जल संरक्षण के तीन तरीके निम्लिखित है –
(i) रिसाव और वाष्पीकरण से होने वाली जल क्षति को रोकने के लिए क्षेत्र की स्प्रिंकलरों से सिंचाई करना अधिक प्रभावी विधि है। 
(ii) सिंचाई के लिए ड्रिप अथवा टपकन विधि का उपयोग करके जल संरक्षण किया जा सकता है। 
(iii) जल का सही तरीके से संग्रहण करके जल को लम्बे समय तक संरक्षित किया जा सकता है। 
 
II. सही उत्तर को चिन्हित कीजिए –
Q.1 निम्नलिखित में से कौन-सा कारक मृदा निर्माण का नहीं है ?
(क) समय 
(ख) मृदा का गठन             *
(ग) जैव पदार्थ 
 
Q.2 निम्नलिखित में से कौन सी विधि तीव्र ढालों पर मृदा अपरदन को रोकने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है ?
(क) रक्षक मेखला 
(ख) मलचिंग 
(ग) वेदिका कृषि             *
 
Q.3 निम्नलिखित में से कौन सा प्रकृति के संरक्षण के अनुकूल नहीं है ?
(क) बल्ब को बंद कर देना चाहिए जब आवश्यकता न हो। 
(ख) नल को उपयोग के बाद तुरंत बंद कर देना चाहिए। 
(ग) ख़रीददारी के बाद पाली पैक को नष्ट कर देना चाहिए।         *
 
III. निम्नलिखित का मिलान कीजिये :-
 

(क) भूमि उपयोग
(i) मृदा अपरदन को रोकना
(ख) ह्यूमस (ii) स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल के बीच जुड़ा एक संकरा क्षेत्र
(ग) चट्टान बाँध (iii) भूमि का उत्पादनकारी उपयोग
(घ) जैवमंडल (iv) ऊपरी मृदा पर निक्षेपित जैव पदार्थ

 

  (v) समोच्चरेखीय जुताई

 

उत्तर – 

(क) भूमि उपयोग

(iii) भूमि का उत्पादनकारी उपयोग

(ख) चट्टान बाँध

(iv) ऊपरी मृदा पर निक्षेपित जैव पदार्थ

(ग) चट्टान बाँध

(i) मृदा अपरदन को रोकना

(घ) जैवमंडल

(ii) स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल के बीच जुड़ा एक संकरा क्षेत्र

 
IV. निम्नलिखित कथनों  सत्य अथवा असत्य बताइए। यदि सत्य है तो उसके कारण लिखिए –
(i) भारत का गंगा, ब्रह्मपुत्र  मैदान अत्यधिक आबाद प्रदेश है। 
उत्तर – सत्य। 
कारण : गंगा, ब्रह्मपुत्र के मैदान का स्वरुप सामान्य है और वहाँ की मृदा उपजाऊ है इन्ही कारणों की वजह  अत्यधिक आबादी वाला प्रदेश है। 
 
(ii) भारत के प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता का हो रही है। 
उत्तर – सत्य। 
कारण : बारिश के पानी का संग्रहण ने करने और जल को आवश्यकता से अधिक इस्तमाल करने के कारन भारत में प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता काम है। 
 
(iii) तटीय क्षेत्रों में पवन गति रोकने के लिए वृक्ष क़तर में लगाए जाते है, जिससे बीच की फसल उगाना कहते है। 
उत्तर – असत्य। 
 
(iv) मानवीय हस्तक्षेप और जलवायु परिवर्तन पारितंत्र को व्यवस्थित रख सकते है। 
उत्तर – सत्य। 
कारण : पारितंत्र के भीतर अव्यवस्थित मनुष्यों के पर्यावरण छेड़-छाड़ की वजह से ही आयी है इसलिए मनुष्य ही उसे फिर से व्यवस्थित कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!