Cow Essay in English | Cow Essay in Hindi | गाय पर निबंध हिंदी और अंग्रेजी में

गाय पर निबंध Cow Essay in Hindi

इस लेख में हम गाय के विषय पर विस्तारपूर्वक चर्चा करेंगे। यहाँ पर दोनों ही भाषा में Essay in Hindi and Essay in English दिए जा रहे हैं। यह निबंध काफी सरल तथा ज्ञानवर्धक है। Essay in Hindi और Essay in English दोनों ही Short, Medium aur इन निबंधों के माध्यम से हमने गाय से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे कि गाय को माता क्यों कहते हैं? गाय का भारतीय संस्कृति में महत्व क्या है? गौपालन का इतिहास क्या है? गाय सबसे अच्छा पालतू जीव क्यों है? गाय का खान-पान क्या है? गाय का उपयोग क्या है? आदि पर प्रकाश डालने का प्रयास किया है।

Cow Essay in English | Cow Essay in Hindi | गाय पर निबंध हिंदी और अंग्रेजी में

गाय पर निबंध संक्षेप में

भूमिका

गाय का यूं तो पूरी दुनिया में ही काफी महत्व है, लेकिन भारत के संदर्भ में बात की जाए तो प्राचीन काल से यह भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है। चाहे वह दूध का मामला हो या फिर खेती के काम में आने वाले बैलों का। वैदिक काल में गायों की संख्या व्यक्ति की समृद्धि का मानक हुआ करती थी। दुधारू पशु होने के कारण यह बहुत उपयोगी घरेलू पशु है।

शारीरिक संरचना

गाय का एक मुंह, दो आखें, दो कान, चार थन, दो सींग, दो नथुने तथा चार पांव होते हैं। पांवों के खुर गाय के लिए जूतों का काम करते हैं। गाय की पूंछ लंबी होती है तथा उसके किनारे पर एक गुच्छा भी होता है, जिसे वह मक्खियां आदि उड़ाने के काम में लेती है। गाय की एकाध प्रजाति में सींग नहीं होते।

उपयोगिता

गाय का दूध बहुत ही पौष्टिक होता है। यह बीमारों और बच्चों के लिए बेहद उपयोगी आहार माना जाता है। इसके अलावा दूध से कई तरह के पकवान बनते हैं। दूध से दही, पनीर, मक्खन और घी भी बनाता है। गाय का घी और गोमूत्र अनेक आयुर्वेदिक औषधियां बनाने के काम भी काम आता है। गाय का गोबर फसलों के लिए सबसे उत्तम खाद है। गाय के मरने के बाद उसका चमड़ा, हड्डियाँ व सींग सहित सभी अंग किसी न किसी काम आते हैं।
अन्य पशुओं की तुलना में गाय का दूध बहुत उपयोगी होता है। बच्चों को विशेष तौर पर गाय का दूध पिलाने की सलाह दी जाती है क्योंकि भैंस का दूध जहां सुस्ती लाता है, वहीं गाय का दूध बच्चों में चंचलता बनाए रखता है। माना जाता है कि भैंस का बच्चा दूध पीने के बाद सो जाता है, जबकि गाय का बछड़ा अपनी मां का दूध पीने के बाद उछल-कूद करता है।

गायों की प्रमुख नस्लें

गायों की यूं तो कई नस्लें होती हैं, लेकिन भारत में मुख्यत: सहिवाल (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, बिहार), गीर (दक्षिण काठियावाड़), थारपारकर (जोधपुर, जैसलमेर, कच्छ), करन फ्राइ (राजस्थान) आदि हैं। विदेशी नस्ल में जर्सी गाय सर्वाधिक लोकप्रिय है। यह गाय दूध भी अधिक देती है।
गाय कई रंगों जैसे सफेद, काला, लाल, बादामी तथा चितकबरी होती है। भारतीय गाय छोटी होती है, जबकि विदेशी गाय का शरीर थोड़ा भारी होता है।

भारत में गाय का धार्मिक महत्व

भारत में गाय को देवी का दर्जा प्राप्त है। ऐसी मान्यता है कि गाय के शरीर में 33 करोड़ देवताओं का निवास है। यही कारण है कि दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर गायों की विशेष पूजा की जाती है और उनका मोर पंखों आदि से श्रुंगार किया जाता है।
प्राचीन भारत में गाय समृद्धि का प्रतीक मानी जाती थी। युद्ध के दौरान स्वर्ण, आभूषणों के साथ गायों को भी लूट लिया जाता था। जिस राज्य में जितनी गायें होती थीं उसको उतना ही सम्पन्न माना जाता है। कृष्ण के गाय प्रेम को भला कौन नहीं जानता। इसी कारण उनका एक नाम गोपाल भी है। गाय को माता भी कहते हैं।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर गाय का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व है। गाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तो आज भी रीढ़ है। दुर्भाग्य से शहरों में जिस तरह पॉलिथिन का उपयोग किया जाता है और उसे फेंक दिया जाता है, उसे खाकर गायों की असमय मौत हो जाती है। इस दिशा में सभी को गंभीरता से विचार करना होगा ताकि हमारी आस्था और अर्थव्यवस्था के प्रतीक गोवंश को बताया जा सके।

गाय पर निबंध हिंदी में (विस्तारपूर्वक)

प्रस्तावना

गाय हमारी पृथ्वी पर हजारों वर्षों से विद्यमान है। गाय को हिंदू धर्म में मां के समान माना गया है क्योंकि जिस प्रकार हमारी मां हमारा पूरा ख्याल रखती है उसी प्रकार गाय भी हमें स्वादिष्ट दूध देकर हमें हृष्ट पुष्ट बनाती है। गाय पूरे विश्व भर में पाई जाती है और इसे पूरे विश्व में एक पालतू जानवर के रूप में ही पाला जाता है। हमारे भारत देश में गाय को हिंदू धर्म में पूजनीय माना गया है। यहाँ पर गाय की हत्या करना एक बहुत बड़ा अपराध है। विश्व भर में सबसे ज्यादा गाय हमारे भारत में ही पाई जाती है। भारत में गाय को सम्मान की नज़रों से देखा जाता है क्योंकि हिंदू धर्म में कहा जाता है कि गाय के अंदर 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। कई देशों में गाय को पवित्र पशु का दर्जा प्राप्त है और भारत में इसे एक देवी की तरह पूजा जाता है। हिंदू समाज ने गाय को माँ का दर्जा दिया है और इसे ”गौ-माता” कहकर संबोधित किया जाता है।

गाय का इतिहास

गाय की उत्पत्ति की पुराणों में कई प्रकार की कथाएँ मिलती है। पहली कथा यह है कि जब ब्रह्मा एक मुख से अमृत पी रहे थे तो उनके दूसरे मुख से कुछ फेन (झाग) निकल गया और उसी से आदि-गाय ‘सुरभि’ की उत्पत्ति हुई।
दूसरी कथा में कहा गया है कि दक्ष प्रजापति की साठ लड़कियाँ थी उन्हीं में से एक सुरभि भी थी।
तीसरे स्थान पर यह बतलाया गया है कि सुरभि अर्थात स्वर्गीय गाय की उत्पत्ति समुद्र मंथन के समय चौदह रत्नों के साथ ही हुई थी। सुरभि से सुनहरे रंग की कपिला गाय उत्पन्न हुई। जिसके दूध से क्षीर सागर बना।
भगवत पुराण के अनुसार, सागर मंथान (समुद्रमंथन) के दौरान दिव्य वैदिक गाय (गौ-माता) के निर्माण की कहानी को प्रकाश में लाता है। पांच दैवीय कामधेनु (वैदिक गाय जो हर इच्छा को पूरा करती है), जैसे नंदा, सुभद्रा, सुरभी, सुशीला, बहुला मंथन में से उभरी है और यहाँ से दिव्य अमृत पंचगव्य की उत्पत्ति होती है।
कामधेनु या सुरभी ब्रह्मा द्वारा ली गई, दिव्य वैदिक गाय (गौ-माता) ऋषि को दी गई, ताकि उसके दिव्य अमृत पंचगव्य का उपयोग यज्ञ, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए किया जा सके।

गाय की पहचान

हमारे शास्त्रों में गाय को पूजनीय बताया गया है इसीलिए हमारी माताएं बहने रोटी बनाती है तो सबसे पहली रोटी गाय की होती है गाय का दूध अमृत तुल्य होता है। जिस ‘गाय’ का हमारे भारत के वेदों-ग्रंथों में और श्रीमद् भगवत पुराण में वर्णन किया गया है, वह कामधेनु गौ-माता और उनके गौ-वंशज हैं।
दिव्य कामधेनु गौ-माता (और उनके गौवंशज) को मुख्य 2 विशेषता हैं –
1. सुंदर कूबड़ (Hump) है।
2. उनकी पीठ पर और गर्दन के नीचे त्वचा का झुकाव है – गलकंबल (Dewlap)।
भारत में वैदिक काल से ही गाय का विशेष महत्त्व रहा है। आरंभ में आदान-प्रदान एवं विनिमय आदि के माध्यम के रूप में गाय को उपयोग में लाया जाता था और मनुष्य की समृद्धि की गणना उसकी गो-संख्या से की जाती थी। हिन्दू धार्मिक दृष्टि से भी गाय पवित्र मानी जाती रही है तथा उसकी हत्या महापातक पापों में की जाती है।

गाय की नस्ल व रंग

भारत में गाय की लगभग 30 नस्लें पाई जाती हैं। रेड सिन्धी, साहिवाल, गिर, देवनी, थारपारकर आदि नस्लें भारत में दुधारू गायों की प्रमुख नस्लें हैं।
लोकोपयोगी दृष्टि में भारतीय गाय को तीन वर्गों में विभाजित किया जा सकता है।
पहले वर्ग में वे गायें आती हैं जो दूध तो खूब देती हैं, लेकिन उनकी संतान उत्पन्न करने की क्षमता अकर्मण्य होती है अत: कृषि में अनुपयोगी होती है। इस प्रकार की गायें  दुग्ध प्रधान एकांगी नस्ल की हैं।
दूसरी गायें वे हैं जो दूध कम देती हैं किंतु उनके बछड़े कृषि और गाड़ी खींचने के काम आते हैं। इन्हें वत्सप्रधान एकांगी नस्ल कहते हैं।
कुछ गायें दूध भी प्रचुर देती हैं और उनके बछड़े भी कर्मठ होते हैं। ऐसी गायों को सर्वांगी नस्ल की गाय कहते हैं।

गाय के रंग :
गाय कई रंगों जैसे सफेद, काला, लाल, बादामी तथा चितकबरी होती है।

गाय की शारीरिक सरंचना

गाय की शारीरिक सरंचना वैसे तो सभी देशों में समान ही पाई जाती है लेकिन गाय की कद-काठी और नस्ल में फर्क होता है। कुछ गाय अधिक दूध देती हैं, तो कुछ कम देती है। गाय का शरीर आगे से पतला और पीछे से चौड़ा होता है। गाय के दो बड़े कान होते हैं, जिनकी सहायता से वे धीमी-धीमी और अधिक तेज आवाज भी सुन सकती है। गाय की दो बड़ी आंखें होती हैं, जिनकी सहायता से भी लगभग 360 डिग्री तक देख लेती है।
गाय एक चौपाया पशु है और चारों पैरों में खुर्र होते है, जिसकी सहायता से वह किसी भी कठोर स्थल पर चल सकती है। गाय का एक मुँह होता है, जो ऊपर से चौड़ा और नीचे से पतला होता है। इसके पूरे शरीर पर छोटे-छोटे बाल होते है। गाय के एक लंबी पूछ होती है, जिसकी सहायता से वे अपने शरीर पर लगी हुई मिट्टी को तथा मक्खियों को हटाती रहती है।
गाय के चार थन होते हैं और इसकी गर्दन लंबी होती है। गाय के मुँह के सिर्फ निचले जबड़े में 32 दाँत पाए जाते हैं, इसीलिए गाय लंबे वक्त तक जुगाली कर के खाने को चबाती है। गाय के एक बड़ी नाक होती है। गाय के दो बड़े सींग होते हैं। परन्तु कुछ नस्लों की गायों के सींग नहीं होते।

गाय की देखभाल और खान-पान 

विभिन्न देशों में अलग आकृति और आकार की गाय पायी जाती है। हमारे देश में यह छोटे कद की होते हैं जबकि कुछ देशों में यह बड़े कद-काठी और शारीरिक बनावट की होती है। इसकी पीठ लम्बी और चौड़ी होती है। हमें गाय की अच्छी तरह से देखभाल करनी चाहिए और उसे अच्छा भोजन और साफ पानी देना चाहिए। यह हरी घास, भोजन, अनाज और अन्य चीजें खाती है। पहले वह खाना अच्छी तरह से चबाती है और धीरे-धीरे उसे पेट में निगल जाती है। दूध उत्पादन बढ़ाने तथा उसकी उत्पादन लागत कम करने के लिए गाय को सन्तुलित आहार देना चाहिए। संतुलित आहार में गाय की आवश्यकता के अनुसार समस्त पोषक तत्व होते हैं, वह सुस्वाद, आसानी से पचने वाला तथा सस्ता होता है। दूध उत्पादन में अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए, पशु को बारह मास पेट भर हरा चारा खिलाना चाहिए। इससे दाने का खर्च भी घटेगा तथा गाय का नियमित प्रजनन भी होगा। गाय को आवश्यक खनिज लवण नियमित रूप से देने चाहिए। गाय को आवश्यक चारा- दाना- पानी नियत समय के अनुसार ही देना चाहिए। समय के हेर-फेर से भी उत्पादन प्रभावित होता है।

गाय का धार्मिक महत्त्व

भारत में गाय को देवी का दर्जा प्राप्त है। ऐसी मान्यता है कि गाय के शरीर में 33 करोड़ देवी-देवताओं का निवास है। यही कारण है कि दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर गायों की विशेष पूजा की जाती है और उनका मोर पंखों आदि से श्रृंगार किया जाता है।
प्राचीन भारत में गाय समृद्धि का प्रतीक मानी जाती थी। युद्ध के दौरान स्वर्ण, आभूषणों के साथ गायों को भी लूट लिया जाता था। जिस राज्य में जितनी गायें होती थीं उसको उतना ही सम्पन्न माना जाता है। कृष्ण के गाय प्रेम को भला कौन नहीं जानता। इसी कारण उनका एक नाम गोपाल भी है। हिंदू धर्म में यह माना जाता है की गौ-दान सबसे बड़ा दान होता है। गौ-दान से मोक्ष की प्राप्ति की जा सकती है। हिंदुओं के तीज-त्योहार बिना गौ के घी के पूरे नहीं होते। तीज-त्योहार के दिन घर को गौ के गोबर से ही लीपा जाता है। उस पर देवताओं की प्रतिमाओं को बैठाया जाता है। कई लोग किसी जरूरी काम को करने से पहले गाय के दर्शन को बड़ा शुभ मानते हैं। वहीं गाय के गोबर को खेती के लिए बहुत उपयोगी माना गया है। गाय को अमृत जैसे दूध देने व अन्य गुणों के चलते, इसे धरती माता के समान पूज्य माना गया है। इसीलिए गाय को गौ-माता कहा जाता है।

गाय से प्राप्त होने वाले लाभ

  • गाय एक पालतू पशु है इसलिए इसे घरों में पाला जाता है और सुबह शाम इसका दूध निकाला जाता है। एक गाय एक समय में 5 से लेकर 10 लीटर दूध देती है कुछ अलग नस्ल की गाय अधिक दूध भी देती है।
  • बच्चों को विशेष तौर पर गाय का दूध पिलाने की सलाह दी जाती है क्योंकि भैंस का दूध जहां सुस्ती लाता है, वहीं गाय का दूध बच्चों में चंचलता बनाए रखता है। माना जाता है कि भैंस का बच्चा (पाड़ा) दूध पीने के बाद सो जाता है, जबकि गाय का बछड़ा अपनी मां का दूध पीने के बाद उछल-कूद करता है।
  • गाय का दूध बहुत ही पौष्टिक होता है। यह बीमारों और बच्चों के लिए बेहद उपयोगी आहार माना जाता है।

Cow Essay in English (Short)

The ‘cow’ is a very useful animal. It is a most important domestic animal. It is found all over the world. It gives us a very healthy and nutritious food called milk. Cow’s milk is very useful for the children and patients. The cow has a large body. It has four legs, two horns and a long tail. It has two ears. It is a pet animal and many people keep her in their houses for many purposes. It is gentle by nature. It is not a wild animal and found in many parts of the world. Everyone gives respect to the cow like a mother. In India, the people worship the cow. The cow is given “mother’s” status in our religion. It is a pious animal. Cow dung also is a good fertilizer, which is generally used in cultivated fields for better growth of crops. After the cow dies, its skin is used in making shoes, bags, etc., and its bones are used in making buttons, combs, knife handles and similar other useful articles. Cow is worshiped in India as a goddess from the ancient time. People in India brings her at home as a Dhan Lakshmi. Cow is considered as the holiest animal among all the animals. It is found in many varieties differentiating in the shape, size, colour, etc.

Cow Essay in English Short

The cow is a very useful animal to us.

  • The cow is a domestic animal.
  • It is a very useful animal.
  • It is considered as a holy animal by Hindus.
  • It is also called “Gau Mata”.
  • They have different colours and sizes.
  • It has four legs, two eyes, two ears and two horns.
  • It also has a long tail.
  • It eats grass and cotton seeds.
  • They give us milk to drink.
  • Cow’s milk is very good for bones.
  • It’s milk can be used in making butter, curd, ghee, cheese etc.
  • It’s milk is also used in tea, coffee, sweets, ice cream etc.
  • Cow dung is used as fuel and manure.
  • The cow are also called Farmer’s friend.
  • A cow is a calm, gentle and a giving animal.

Cow Essay in English (Long)

Preface

A cow is a pet that is commonly found everywhere. According to the 2012 report of the National Dairy Development Board, India has a population of about 190 million cows. More cows are found in our India than all over the world.
In India, cow is seen with respect because in Hinduism it is said that all 322 crore gods live inside the cow, as well as people living in India have called cow as mother. In India, cow is very well taken care of and cow is also worshiped.

The relationship of cow is also related to Lord Krishna because he loved the cow very much and loved him very much.

Cow composition

Although the composition of cow is found to be the same in all countries, there is a difference in the height and breed of cow.
Some cows give more milk and some give less. The cow’s body is very big and its weight is more than 720 kg.
The cow’s body is thinner from the front and wider than the back. The cow has two big ears, with the help of which she can hear slower, slower and more loud sounds.
She has two big eyes, with the help of which it can see up to 360 degrees.
The cow is a four-legged animal and has hoofs on all four legs, with the help of which they can walk on any hard site.
The cow’s mouth is wider than the top and thinner at the bottom. It has short hair on its entire body.
The cow has a long tail with the help of which she keeps removing the soil on her body.
The cow has 4 udder and has a long neck. Only 32 teeth are found in the lower jaw of the cow’s mouth, so the cow chews for a long time by chewing food. The cow has a big nose. Cow has two big singes.

Colours of Cow

Cow is of many colors like white, black, red, almond and pied.

Food of Cow

She eats grass, hay, husks, grams and oil-cakes. She is often seen chewing the cud.

Cow Utility

A cow is a domesticated animal, so it is reared in homes and its milk is extracted in the morning and evening. She gives 5 to 10 liters of milk at a time. A cow of different breed also gives more milk.
In olden times, cows were also used in plowing fields. Curd buttermilk made from cow’s milk can be made from paneer and other milk sweets. Her milk is a perfect food, and butter, cream, cheese, curd, Ghee and butter-milk are some of its well-known products.

Cow dung is dried and used for fuel work, as well as cow dung is also used as fertilizer in the fields. The cow keeps giving something throughout its life. Many artifacts are made posthumously from the bones of the cow and its skins are dried and used as leather. Cow urine is considered very sacred and its cow urine is used as Ayurvedic medicine, which is effective in eliminating many major diseases from the root.

He hide is used for making shoes, boots, saddles and suit-case. Even her dung is not a worthless thing. It is used as manure by the farmers: and its cakes, as fuel by the poor people. Her bones and horns are used for making buttons, combs and handles of knives and forks.

Breed of cows

Many types of cows are found in India. In which some are good milkers, some are strong-bodied, due to which their calves are also born with strong bodies and they are used as plowing in the fields.
The main breeds of cow found in India are the Sahiwal caste, Nagauri, Pawar, Bhagnadi, Rathi, Malvi, Kankrej, Sindhi, Dajjal, Tharparkar, Angol or Nilor etc.

Religious Significance of Cow

In India, cow is seen with respect because in Hinduism it is said that all 322 crore gods live inside the cow, as well as people living in India have called cow as mother. In India, cow is very well taken care of and cow is also worshiped. The relationship of cow is also related to Lord Krishna because he loved the cow very much and loved him very much. She is worshiped by the Hindus, the Buddhists and the Sikhs. She is a great gift of God to man.

Cow Essay Conclusion 

The cow is a peace loving and domesticated animal, in our India. The cow has been given the status of mother because she keeps giving something throughout her life, so we should learn something from her life and always live our life in a peaceful way and Should treat other people well. I hope you get complete information on cow essay in this article..
God bless you always.

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