NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 10 Gravitation | एनसीइआरटी कक्षा 9 विषय विज्ञान गुरुत्वाकर्षण अभ्यास प्रश्न

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NCERT SOLUTIONS FOR CLASS 9 SCIENCE
ch 10 science class 9

Chapter 10
Gravitation

कक्षा – 9
पाठ – 10
गुरुत्वाकर्षण
विज्ञान

अभ्यास – प्रश्न  

Q.1 यदि दो वस्तुओं के बीच की दुरी को आधा कर दिया जाए तो उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल किस प्रकार बदलेगा ?
उत्तर – हम जानते है की गुरुत्वाकर्षण बल का मान दो वस्तुओं के बीच की दुरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है –
अर्थात \(\displaystyle F\propto \frac{1}{{{{r}^{2}}}}\)
\(\displaystyle F=\frac{{G{{m}_{1}}{{m}_{2}}}}{{{{r}^{2}}}}\)
जहाँ G = गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक 
m₁ व m₂ = वस्तुओं का द्रव्यमान 
बीच की दुरी d को आधा करने पर –
\(\displaystyle \begin{array}{l}F=\frac{{G{{m}_{1}}{{m}_{2}}}}{{{{{\left( {r\times \frac{1}{2}} \right)}}^{2}}}}\\F=\frac{{G{{m}_{1}}{{m}_{2}}}}{{{{r}^{2}}\times \frac{1}{4}}}\end{array}\)
F = 4F
गुरुत्वाकर्षण बल का मान 4 गुना बढ़ जाएगा। 
 
Q.2 सभी वस्तुओं पर लगने वाला गुरुत्वीय बल उनके द्रव्यमान के समानुपाती होता है। फिर भी भारी वस्तु हल्की वस्तु के मुकाबले तेजी से क्यों नहीं गिरती ?
उत्तर – जब वस्तु मुक्त पतन स्थिति में होती है, कार्यरत गुरुत्वीय त्वरण का मान \(\displaystyle g=\frac{{GM}}{{{{R}^{2}}}}\)
यहाँ M = पृथ्वी का द्रव्यमान 
R = पृथ्वी की त्रिज्या 
पृथ्वी के पृष्ठ या उसके समीप रखी किसी वस्तु का द्रव्यमान 𝑔 पर निर्भर नहीं करता है। अतः जब वायु का प्रतिरोध शून्य हो तो भी भारी वस्तु हल्की वस्तु साथ ही नीचे गिरेगी। 
 
Q.3 पृथ्वी तथा उसकी सतह पर रखी किसी 1 kg की वस्तु के बीच गुरुत्वीय बल का परिमाण क्या होगा ? (पृथ्वी का द्रव्यमान 6 × 10²⁴ kg है तथा पृथ्वी की त्रिज्या 6.4 × 10⁶ M है)।
उत्तर – पृथ्वी तथा उसके पृष्ठ पर रखी किसी वस्तु के बीच गुरुत्वीय बल का मान \(\displaystyle F=\frac{{GMm}}{{{{r}^{2}}}}\)
जहाँ पृथ्वी का द्रव्यमान M = 6 × 10²⁴ kg 
वस्तु का द्रव्यमान m = 1 kg 
पृथ्वी की त्रिज्या r = 6.4 × 10⁶ m
गुरुत्वीय त्वरण G = 6.7 × 10⁻¹¹ Nm2/kg2
समी. में मान रखने पर –
\(\displaystyle F=\frac{{6.7\times {{{10}}^{{-11}}}\times 1\times 6\times {{{10}}^{{24}}}}}{{{{{\left( {6.4\times {{{10}}^{6}}} \right)}}^{2}}}}\)
F = 9.8N
अतः पृथ्वी और वस्तु के बीच गुरुत्वीय त्वरण 9.8 N होगा। 

Q.4 पृथ्वी तथा चन्द्रमा एक-दूसरे को गुरुत्वीय बल से आकर्षित करते है। क्या पृथ्वी जिस बल से चन्द्रमा को आकर्षित करती है वह बल, उस बल से जिससे चन्द्रमा पृथ्वी को आकर्षित करता है बड़ा है या छोटा है या बराबर है। उत्तर – न्यूटन के तीसरे सूत्र के अनुसार, क्रिया और प्रतिक्रिया बराबर तथा विपरीत दिशा में होती है। अतः पृथ्वी जिस बल से चन्द्रमा को आकर्षित करती है, चन्द्रमा भी उतने ही बल से पृथ्वी को आकर्षित करता है। अतः पृथ्वी जब गुरुत्वीय बल से चन्द्रमा को आकर्षित करती है। तो चन्द्रमा भी उतने ही गुरुत्वीय बल से पृथ्वी को विपरीत दिशा आकर्षित करता है।    

Q.5 यदि चन्द्रमा पृथ्वी को आकर्षित करता है, तो पृथ्वी चन्द्रमा की और गति क्यों नहीं करती ?
उत्तर – इसका कारण पृथ्वी का द्रव्यमान (m) अधिक और पृथ्वी और चन्द्रमा के बीच बहुत अधिक होना है। जिस कारण पृथ्वी और चन्द्रमा के बीच गुरुत्वीय बल (F) का मान इतना अधिक नहीं होता जिससे की पृथ्वी में त्वरण उत्पन्न हो सके।  
 
Q.6 दो वस्तुओं के बीच लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल का क्या होगा, यदि 
(i) एक द्रव्यमान दोगुना कर दिया जाए ?
(ii) वस्तुओं के बीच की दुरी दोगुनी अथवा तीन गुनी कर दी जाए ?
(iii) दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान दोगुना कर दिए जाएँ ?
उतर – (i) एक द्रव्यमान दोगुना कर दिया जाए ?
हम जानते है की गुरुत्वाकर्षण बल \(\displaystyle F=\frac{{GmM}}{{{{r}^{2}}}}\)
जब किसी एक वस्तु का द्रव्यमान दोगुना होगा तो,
M = 2M
\(\displaystyle \begin{array}{l}F=\frac{{G\times 2mM}}{{{{r}^{2}}}}\\F=\frac{{2(GMm)}}{{{{r}^{2}}}}\end{array}\)
F = 2F1
चुकी \(\displaystyle {{F}_{1}}=\frac{{GmM}}{{{{r}^{2}}}}\)
इसलिए F = 2F₁
अतः गुरुत्वाकर्षण बल भी दोगुना हो जाएगा। 

(ii) वस्तुओं के बीच की दुरी दोगुनी अथवा तीन गुनी कर दी जाए ? बीच की दुरी दोगुनी करने पर – r = 2r \(\displaystyle F=\frac{{GmM}}{{{{r}^{2}}}}\) \(\displaystyle \begin{array}{l}F=\frac{{GmM}}{{{{{\left( {2r} \right)}}^{2}}}}\\F=\frac{{GmM}}{{4{{r}^{2}}}}\end{array}\) चुकी \(\displaystyle {{F}_{1}}=\frac{{GmM}}{{{{r}^{2}}}}\) अतः \(\displaystyle F=\frac{1}{4}{{F}_{1}}\) गुरुत्वाकर्षण बल का मान घटकर एक चौथाई हो जाएगा। दुरी तिगुनी करने पर – $begin{array}{l} F = Gleft( {frac{{mM}}{{{r^2}}}} right)\ F = Gfrac{{mM}}{{{{left( {3r} right)}^2}}}\ F = Gfrac{{mM}}{{9{r^2}}}\ F = frac{{{F_1}}}{9} end{array}$ गुरुत्वाकर्षण का मान 1/9 भाग रह जायेगा। 

 (iii) दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान दोगुने कर दिए जाएँ ?
M = 2M
m = 2m
\(\displaystyle F=\frac{{GmM}}{{{{r}^{2}}}}\)
\(\displaystyle F=\frac{{G2m\times 2M}}{{{{r}^{2}}}}\)
F = 4F
गुरुत्वाकर्षण बल भी 4 गुना हो जायेगा। 
 
Q.7 गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के क्या महत्व है ?
उत्तर – गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के निम्न महत्व है –
(i) गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा हम पृथ्वी  बंधे रहते है। 
(ii) पृथ्वी के चारों ओर चन्द्रमा की गति को नियंत्रित करने में। 
(iii) सूर्य के चारों ओर ग्रहों की गति को नियंत्रित करने में। 
(iv) चन्द्रमा और सूर्य के कारण ज्वार-भाटा। 

Q.8 मुक्त पतन का त्वरण क्या है ? उत्तर – जब कोई वस्तु पृथ्वी की और केवल गुरुत्वाकर्षण  द्वारा गिरती है तो, तो हम कह सकते है की वस्तु मुक्त पतन में है। इसे ‘𝑔’ द्वारा निर्दिष्ट किया जाता है। 𝑔  वही है जो त्वरण के है अर्थात ms⁻¹ । 

 Q.9 पृथ्वी तथा वस्तु के बिच गुरुत्वीय बल को हम क्या कहेंगे ?
उत्तर – पृथ्वी तथा वस्तु के बिच गुरुत्वीय बल को गुरुत्वीय त्वरण कहते है। 
 
Q.10 व्यक्ति A अपने एक मित्र के निर्देश पर ध्रुवों पर कुछ ग्राम सोना खरीदता है। वह इस सोने को विषुवत वृत्त पर अपने मित्र को देता है।  क्या उसका मित्र ख़रीदे हुए सोने के भार से संतुष्ट होगा ? यदि नहीं, तो क्यों ? (संकेत : ध्रुवों पर 𝑔 विषुवत वृत्त की अपेक्षा अधिक है।)
उतर – किसी भी वस्तु का द्रव्यमान सभी स्थानों पर समान होता है। अतः सोने का भार 𝑔 पर निर्भर करता है। क्योंकि ध्रुवों पर 𝑔 का मान अधिक होता है, 𝑔 का मान अधिक कारण सोने के भार में आएगी। तो A का मित्र सोने के भार से संतुष्ट नहीं होगा। 
 
Q.11 एक कागज शीट, उसी प्रकार शीट को मरोड़ कर बनाई गई गेंद से धीमी क्यों गिरती है ?
उत्तर – एक कागज शीट का क्षेत्रफल उसी शीट से बनी गेंद से है। जिससे की कागज की शीट पर लगने वाला वायु का प्रतिरोध का मान गेंद से अधिक होता है। यही कारण है की एक कागज शीट, उसी प्रकार शीट को मरोड़ कर बनाई गई गेंद से धीमी गिरती है। 
 
Q.12 चन्द्रमा की सतह पर गुरुत्वीय बल, पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय  अपेक्षा 1/6 गुणा है। एक 10 kg की वस्तु का चंद्रमा पर तथा पृथ्वी पर न्यूटन में भार क्या होगा ?
उत्तर – पृथ्वी पर वस्तु का द्रव्यमान (m) = 10 kg 
गुरुत्वीय त्वरण (g) = 9.8 m/s² 
पृथ्वी पर भार (W) = m × 𝑔 
W = 10 × 9.8
W = 98N
चंद्रमा पर उसी वस्तु का भार \(\displaystyle W=10\times 9.8\times \frac{1}{6}\)
W = 16.3N
चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वीय बल, पृथ्वी सतह पर गुरुत्वीय बल की अपेक्षा 1/6 गुणा है। 
 
Q.13 एक गेंद ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की और 49 m/s के वेग से फेंकी जाती है। परिकलन कीजिए –
(i) अधिकतम ऊँचाई जहाँ तक कि गेंद पहुँचती है। 
(ii) पृथ्वी की सतह पर वापस लौटने में लिया गया कुल समय। 
उत्तर – 
(i) अधिकतम ऊँचाई जहाँ तक कि गेंद पहुँचती है। 
प्रारम्भिक वेग (u) = 49 m/s 
अंतिम वेग (v) = 0 
अधिकतम ऊँचाई पर लगने वाले गुरुत्वीय त्वरण का मान a = g = -9.8 m/s²
ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर (गुरुत्वाकर्षण बल के विपरीत)
v₂ – u₂ = 2gs
0 – (49)² = 2 × (-9.8) × s
s = 122.5 m
 
(ii) पृथ्वी की सतह पर वापस लौटने में लिया गया कुल समय = t v = u + at 0 = 49 + (-9.8) × t 9.8 t = 49 t = 49/9.8 t = 5 s अधिकतम ऊँचाई पर जाने के लिए गेंद को 5 s लगेंगे। और पृथ्वी की सतह पुनः लौटने में और 5 s लगेंगे। अतः कुल समय = 5 + 5 = 10 s
 
Q.14 19.6 m ऊँची एक मीनार चोटी से एक पत्थर छोड़ा। पृथ्वी पर पहुंचने से पहले इसका अंतिम वेग ज्ञात कीजिए। 
उत्तर – मीनार की ऊँचाई (s) = (h) = 19.6 m
गुरुत्वीय बल के कारण उत्पन्न त्वरण (a) = (𝑔) = 9.8 m/s²
प्रारम्भिक वेग (u) = 0
v² – u² = 2gs
v² – 0 = 2 × 9.8 × 19.6
v² = 384.16
v = 19.6 m/s
पृथ्वी पर पंहुचने पहले इसका अंतिम वेग 19.6 m/s होगा। 
 
Q.15 कोई पत्थर ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर 40 m/s के प्रारम्भिक वेग से फेंका गया।  𝑔 = 10 m/s² लेते हुए ग्राफ की सहायता से पत्थर द्वारा पहुँची अधिकतम ऊँचाई ज्ञात कीजिए। नेट विस्थापन तथा पत्थर द्वारा चली गई कुल दुरी कितनी होगी ?
उत्तर – प्रारम्भिक वेग (u) = 40 m/s
गुरुत्वीय त्वरण (𝑔) = -10 m/s² (गुरुत्वीय बल की विपरीत दिशा में)
अंतिम वेग (v) = 0 (अधिकतम ऊँचाई पर)
v² – u² = 2gs
0 – (40)² = 2 × (-10) × S
1600 = -20 × s
s = 80 m
नेट विस्थापन = 0
पत्थर द्वारा पहुँची अधिकतम उँचाई 80 m होगी। 
तथा कुल दुरी = 80 + 80
= 160 m
 
Q.16 पृथ्वी तथा सूर्य के बीच गुरुत्वाकर्षण बल का परिकलन कीजिए। दिया है, पृथ्वी का द्रव्यमान = 6 × 10²⁴ kg तथा सूर्य का द्रव्यमान = 2 × 10³⁰ kg । दोनों के बीच औसत दुरी 1.5 × 10¹¹ m है।

उत्तर –  सूर्य का द्रव्यमान (Ms) = 2 × 10³⁰ kg

पृथ्वी का द्रव्यमान (Me) = 6 × 10²⁴ kg
गुरुत्वीय बल (G) = 6.67 × 10⁻¹¹ Nm²/kg²
दोनों के बीच की औसत दुरी (r) = 1.5 × 10¹¹ m
\(\displaystyle F=\frac{{G{{M}_{e}}{{M}_{s}}}}{{{{r}^{2}}}}\)
\(\displaystyle F=\frac{{\left( {6.67\times {{{10}}^{{-11}}}\times 6\times {{{10}}^{{24}}}\times 2\times {{{10}}^{{30}}}} \right)}}{{{{{\left( {1.5\times {{{10}}^{{11}}}} \right)}}^{2}}}}\)
F = 3.56 × 10²² N
अतः पृथ्वी तथा सूर्य  बीच गुरुत्वाकर्षण बल 3.56 × 10²² N होगा।
 
Q.17 कोई पत्थर 100 m ऊँची किसी मीनार की चोटी से गिराया गया और उसी समय कोई दूसरा पत्थर 25 m/s के वेग से ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर फेंका गया। परिकलन कीजिए कि दोनों पत्थर कब और कहाँ मिलेंगे। 
उत्तर – माना कि पत्थर A को मीनार की चोटी से फेंका गया है।
A से दूसरे पत्थर B की दूरी X है। 
गुरुत्वीय त्वरण (g) = 10 m/s²
प्रारम्भिक वेग (u) = 0
\(\displaystyle \begin{array}{l}X=ut+\frac{1}{2}g{{t}^{2}}\\X=0+\frac{1}{2}\times 10\times {{t}^{2}}\end{array}\)
X = 5t2 …………………..(i)
B से भूमि की सतह C की दुरी 𝑥 
B का u = 25 m/s
g = -10 m/s² (ऊर्ध्वाधर)
\(\displaystyle \begin{array}{l}X=ut+\frac{1}{2}g{{t}^{2}}\\X=25+\frac{1}{2}\times (-10)\times {{t}^{2}}\end{array}\)
X = 25t – 5t² ……………………… (ii)
X + 𝑥 = 100 m
समी. (i) व (ii) से मान रखने पर –
5t² + 25t – 5t² = 100
25t = 100
t = 4 s
दोनों पत्थर 4 s में एक साथ मिल जायेंगे। 
x = 5t²
x = 5 × 4²
x = 80 m
दोनों पत्थर चोटी से 80 m नीचे मिलेंगे। 

Q.18 ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर फेंकी गई एक गेंद 6 s पश्चात फेंकने वाले के पास लौट आती है। ज्ञात कीजिए।
(i) यह किस वेग से ऊपर फेंकी गई। (ii) गेंद द्वारा पहुंची गई अधिकतम ऊँचाई तथा (iii) 4 s पश्चात गेंद की स्थिति 

उत्तर – 
(i) यह किस वेग से ऊपर फेंकी गई। 
ऊपर जाने और वापस निचे आने में लगा कुल समय = 6 s
ऊपर जाने में लगा समय = 6 ÷ 2 = 3
अंतिम वेग (v) = 0 
गुरुत्वीय त्वरण (g) = -9.8 m/s²
v = u + at
0 = u + (-9.8) ⨯ 3
u = 29.4 m/s
यहाँ 29.4 m/s वेग ऊपर गई।
 
(ii) गेंद द्वारा पहुंची गई अधिकतम ऊँचाई
\(\displaystyle \begin{array}{l}h=s=ut+\frac{1}{2}g{{t}^{2}}\\s=29.4\times 3+\frac{1}{2}\times (-9.8)\times {{3}^{2}}\end{array}\)
s = 44.1 m
गेंद द्वारा पहुंची गई अधिकतम ऊंचाई 44.1 m
 
(iii) 4 s पश्चात गेंद की स्थिति 
t = 3 + 1
t = 4 s
\(\displaystyle \begin{array}{l}s=ut+\frac{1}{2}g{{t}^{2}}\\s=29.4\times 4+\frac{1}{2}\times (-9.8)\times {{4}^{2}}\end{array}\)
s = 4.9 m
4 s पश्चात नीचे गेंद की स्थिति (44.1 – 4.9)
= 39.2 m
 
Q.19 किसी द्रव्य में डुबोई गई वस्तु उत्प्लावन बल किस दिशा में कार्य करता है ?
उत्तर – किसी द्रव्य में डुबोई गई वस्तु उत्प्लावन बल ऊपरी दिशा में कार्य करता है।
 
Q.20 पानी के भीतर किसी प्लास्टिक के गुटके को छोड़ने पर यह पानी की सतह पर क्यों आ जाता है ?
उत्तर – पानी के गुटके पर ऊपर की दिशा में बल कार्य करता है, जो गुटके के भार से अधिक अर्थात उत्प्लावन बल होनी के कारण गुटके को पानी के अंदर छोड़ने के बाद भी यह पानी की सतह पर आ जाता है।
 
Q.21 50 g के किसी पदार्थ का आयतन 20 cm³ है।  यदि पानी का घनत्व 1 g/cm³ हो तो, पदार्थ तैरेगा या डूबेगा ?
उत्तर – पदार्थ का घनत्व = पदार्थ का द्रव्यमान ÷ पदार्थ का आयतन
घनत्व = 50 ÷ 20
घनत्व = 2.5 g/cm³
पानी का घनत्व = 1 g/cm³
अर्थात पदार्थ का घनत्व पानी  है, तो पदार्थ पानी में डूब जायेगा।
 
Q.22 500 g के एक मोहरबंद पैकेट का आयतन 350 cm³ घनत्व वाले पानी में तैरेगा या डूबेगा ?
उत्तर – मोहरबंद पैकेट का घनत्व = 500 ÷ 350 = 1.42 g/cm³
पैकेट द्वारा विस्थापित पानी का आयतन = पैकेट का आयतन = 350 cm³
पानी का द्रव्यमान = जल का घनत्व × जल का आयतन
पानी का द्रव्यमान = 1 × 350
पानी का द्रव्यमान = 350 g
पैकेट द्वारा विस्थापित पानी का द्रव्यमान = 350 g

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